जानकारी के अनुसार गुलरिहा थाना क्षेत्र के ग्राम पंचायत मोहिद्दीनपुर निवासी श्रीकांत सिंह की शादी लगभग 19 वर्ष पहले पिपराइच थाना क्षेत्र के पोखरभिंडा निवासी देव नारायण सिंह की बेटी निर्मला से हुई थी। दोनों से कुल तीन बच्चे अर्पिता 17 वर्ष, सलोनी 12 वर्ष एवं बेटा विवेक सिंह 8 वर्ष है।
गुरुवार को श्रीकांत सिंह की भांजी सुमित्रा पुत्री ओमप्रकाश निवासी रामपुर थाना अहिरौली जनपद कुशीनगर का इंगेजमेंट पिपराइच के मोटेश्वर शिव मंदिर में होना था। मृतक निर्मला देवी भी कार्यक्रम में जाने के लिए तैयार थी। किसी कारणवश पति ने पत्नी को साथ ले जाने से मना कर दिया और अकेले कार्यक्रम में शामिल होने के लिए चले गए। इसी बात से नाराज होकर पत्नी निर्मला देवी पूरे परिवार को खाना खिलाने के बाद बर्तन आदि धोया और लगभग 12 बजे तीनों बच्चों को साथ लेकर कमरे में आ गई। उसके बाद बोली कि जिसको मां के साथ मरना हो वह मेरे पास रहे। बच्चे मां के इस बात पर रोने लगे लेकिन मां ने बच्चों पर तरस खाने की बजाए स्वयं के साथ ही सभी पर मिट्टी का तेल उड़ेल लिया।
मां का उग्र रूप देखकर बड़ी बेटी अर्पिता अपने भाई विवेक सिंह एवं छोटी बहन सलोनी को खींच कर भागने लगी। इसी बीच बहन सलोनी जो मां के काफी करीब थी, वह मां से चिपकी रह गई। उसके बाद महिला ने अंदर से दरवाजा बंद कर लिया और आग लगा लिया। बड़ी बेटी भाई को लेकर गांव में पहुंची और शोर मचाने लगी। जब तक गांव के लोग घटनास्थल पर पहुंचकर दरवाजा तोड़ते तब तक दोनों जलकर राख हो चुके थे। घटना के दौरान 75 वर्षीय बूढ़ी सास फूलमती असहाय होकर मूक दर्शक बनकर देखती रही।
पहले से नहीं था परिवार में कोई विवाद
महिला के साथ बेटी के जलकर मरने की घटना से आसपास के लोगों में शोक की लहर फैल गई है। घटना में बच गए बेटे के कपड़ों को मिट्टी के तेल से सना हुआ देखकर लोगों के मुंह से यही शब्द निकल रहे थे कि एक मां अपने ही बेटे और बेटियों के साथ ऐसा कैसे कर सकती है। बड़ी बेटी यदि भाई को साथ लेकर नहीं भागी होती तो एक साथ चारों की जान जा सकती थी। पत्नी और बेटी को खो चुके श्रीकांत का रो- रो कर बुरा हाल था।
श्रीकांत ने बताया कि वह दोहा कतर में रहकर पाइप फीडर का काम करते हैं। बीते 8 जनवरी को ही घर पहुंचे थे। परिवार में कभी किसी प्रकार की अनबन नहीं होती थी। इतना बड़ा कदम उनकी पत्नी ने कैसे उठा लिया यह समझ में नहीं आ रहा है। वहीं मृत महिला के पिता व श्रीकांत के ससुर ने पुलिस को लिख कर दिया कि इस घटना में उनके दामाद व स्वजनों का कोई दोष नहीं है।