गोरखपुर जिले के चौरीचौरा इलाके की रहने वाली रामरती रोज सुबह नौ बजे तहसील के उप निबंधक कार्यालय आती हैं और शाम पांच बजे वहां से जाती हैं। अब आप सोच रहे होंगे कि शायद वह काम करने आती होंगी। लेकिन ऐसा नहीं है। वह अपने पति और भूमाफियाओं से अपनी जमीन को बचाने के लिए हर रोज उप निबंधक कार्यालय आती हैं।
क्षेत्र के भाऊपुर की रहने वाली 45 वर्षीय रामरती के पति रामानंद शराब पीता है। इसी का फायदा उठाकर क्षेत्र के कुछ भूमाफिया उसकी जमीन को कुछ पैसे देकर हथियाना चाहते हैं। रामानंद भी पैसे की लालच में जमीन बेचने को तैयार है, लेकिन रामरती ऐसा नहीं होने देना चाहती हैं।
रामरती ने बताया कि रामानंद अहमदाबाद में होटल चलाता है। 1996 तक हम रहे। इसके बाद रामानंद 13 साल तक गांव नहीं लौटा। रामरती को लगा कि रामानंद इस दुनिया में नहीं है। रामरती ने मजदूरी करके अपने दो बच्चों (एक बेटा और एक बेटी) का पालन-पोषण किया और उनकी शादी करा दी। 13 साल बाद रामानंद दूसरी शादी कर घर लौटा। रामरती ने इसका विरोध किया तो रामानंद फिर अहमदाबाद लौट गया।