चिलुआताल (गोरखपुर)। चिलुआताल क्षेत्र के चर्चित राजकुमार चौहान हत्याकांड में पार्षद धर्मदेव चौहान समेत छह नामजद आरोपियों को पुलिस की विवेचना में क्लीनचिट मिलने से मृतक का परिवार संतुष्ट नहीं है।
राजकुमार की पत्नी सुशीला चौहान ने इस फैसले पर दुख जताते हुए कहा कि उन्हें इसकी जानकारी रविवार को मिली। उन्होंने कहा कि परिवार को अब भी न्याय मिलने की उम्मीद है लेकिन मौजूदा कार्रवाई से वह संतुष्ट नहीं हैं।
सुशीला चौहान का आरोप है कि नामजद किए गए सभी लोग हत्या में शामिल थे। उन्होंने कहा कि सभी आरोपी जेल से छूटकर बाहर आ गए हैं, जिससे परिवार को डर सता रहा है। उन्हें आशंका है कि भविष्य में कोई अप्रिय घटना हो सकती है। सुशीला ने कहा कि वह न्याय के लिए अपनी लड़ाई जारी रखेंगी। उन्होंने सिसवा बाजार से समाजवादी पार्टी के बैनर तले चुनाव लड़ने की भी बात कही।
राजकुमार के भतीजे नीरज चौहान ने कहा कि घटना के समय मौके पर मौजूदगी की जानकारी मिलने के आधार पर इन लोगों के नाम प्राथमिकी में शामिल कराए गए थे। उन्होंने बताया कि जब भी परिवार थाना प्रभारी से आरोपियों की भूमिका को लेकर जानकारी लेता था तो यही बताया जाता था कि अभी किसी को क्लीनचिट नहीं दी गई है और सभी की भूमिका की जांच की जा रही है। नीरज ने कहा कि छह आरोपियों को क्लीनचिट दिए जाने की जानकारी मिलने के बाद परिवार कार्रवाई से संतुष्ट नहीं है।
उन्होंने कहा कि यदि थाने और प्रशासन की ओर से उनकी बात नहीं सुनी गई तो वे उच्च अधिकारियों के समक्ष अपनी शिकायत रखेंगे और आगे अपील करेंगे।
दरअसल, 17 मार्च को बरगदवा में राजकुमार चौहान की गोली मारकर और चाकू से हमला कर हत्या कर दी गई थी। उनकी पत्नी ने आठ लोगों के खिलाफ नामजद प्राथमिकी दर्ज कराई थी।