वायु को प्रदूषित करने में धूल कण की भी भूमिका होती है लेकिन विशेषज्ञों का कहना है कि गोरखपुर में प्रदूषण की सबसे बड़ी वजह वाहनों से निकलने वाला धुआं है। कैलाश पांडेय का कहना है कि वाहनों से निकलने वाले धुएं से तकरीबन 90 प्रतिशत वायु प्रदूषित होता है।
398 तक जा पहुंचा था एयर क्वालिटी इंडेक्स
पिछले कुछ दिनों से गोरखपुर की हवा की गुणवत्ता काफी खराब थी। दीपावली के बाद हवा की गुणवत्ता का स्तर खराब होते-होते करीब 400 पहुंच गया था, लेकिन हल्की बूंदाबांदी और हवा की रफ्तार तेज होने से हवा की गुणवत्ता में काफी सुधार हुआ। एयर क्वालिटी इंडेक्स बेहतर होकर 150 हो गया था। इसके बाद हवा की रफ्तार बदलकर पुरवा होने से फिर से हवा की गुणवत्ता खराब होती चली गई और एयर क्वालिटी इंडेक्स 398 दर्ज किया गया। इसके बाद नगर निगम और लोक निर्माण विभाग की ओर से शहर के विभिन्न इलाकों में पानी का छिड़काव हुआ। असर यह हुआ कि हवा की गुणवत्ता सुधर कर 162 हो गई।