वॉटर स्पोर्ट्स कॉम्प्लेक्स में पानी से जुड़े खेलों के संचालन के लिए पर्यटन विभाग ने पिछले साल टेंडर जारी किया था। 1.50 करोड़ रुपये में निषाद नौकायन विकास समिति को टेंडर मिला। विभिन्न खेलों के लिए पंजीकरण भी शुरू हो गया है, मगर अभी तक पर्यटन विभाग और समिति के बीच अनुबंध नहीं हो सका। खेल तो नहीं शुरू हुए, लेकिन वॉटर स्पोर्ट्स कॉम्प्लेक्स का इस्तेमाल शादियों के लिए किया जाने लगा। बुकिंग की धनराशि भी समिति अपने पास रख रही है। समिति द्वारा अनुबंध नहीं कराने समेत कुछ और गड़बड़ियों पर कमिश्नर रवि कुमार एनजी हाल ही में कड़ी नाराजगी व्यक्त करते हुए समिति का टेंडर भी निरस्त करने का निर्देश दे चुके हैं।
प्रमुख सचिव पर्यटन मुकेश मेश्राम ने कहा कि वॉटर स्पोर्ट्स कॉम्प्लेक्स में शादी का आयोजन चौंकाने वाला है। इसके बारे में जानकारी लूंगा। संचालन करने वाली समिति का अनुबंध अब हो जाएगा। एमडी पद पर तैनाती हो गई है।
क्षेत्रीय पर्यटन अधिकारी रविंद्र मिश्र ने कहा कि वॉटर स्पोर्ट्स कॉम्प्लेक्स के भीतर जिम, रेस्त्रां, कैफेटेरिया आदि की सुविधा देने का प्रावधान है, मगर शादी या कोई अन्य मांगलिक कार्यक्रमों का आयोजन नहीं कर सकते। यह अवैध है। यदि कॉम्प्लेक्स परिसर में शादी का आयोजन हुआ है तो जांच कराकर समिति के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी। समिति का अनुबंध हुआ है या नहीं इसकी ठीक से जानकारी नहीं है। अनुबंध की कार्रवाई सीधे टूरिज्म कार्पोरेशन लखनऊ से होना था।
निषाद नौकायन विकास समिति के सचिव राधेश्याम निषाद ने कहा कि वॉटर स्पोर्ट्स कॉम्प्लेक्स में जिम, रेस्त्रा समेत कई सुविधाएं हैं। शादी का भी आयोजन कर सकते हैं। कॉप्लेक्स का प्रचार-प्रसार हो सके, इसीलिए शादी समारोह कराया गया। पर्यटन विभाग से अनुबंध हो गया है। कुछ चीजें प्रक्रिया में हैं, जल्द ही उन्हें भी पूरा कर लिया जाएगा।
वॉटर स्पोर्ट्स कॉम्प्लेक्स के निर्माण पर करीब 44.75 करोड़ रुपये खर्च हुए हैं। यहां प्लेयर डॉरमेट्री, फर्स्ट एड सेंटर, स्पोर्ट्स मेडिसिन सेंटर, ट्रेनिंग सेंटर, वाटर डेक, चेंजिंग रूम, जिम, रोविंग, स्कीईंग, पैरा ग्लाइडिंग, वॉटर स्कूटर, सी स्कूटर, कैफेटेरिया, चार से 20 सीटर बोट, बनाना बोट, स्पीड बोट, फ्लोटिंग जेट्टी, कांच की चहारदीवारी वाला फ्लोटिंग रेस्तरां, कैफेटेरिया, वेटिंग रूम आदि की सुविधा विकसित की गई है। फ्लोटिंग जेट्टी का निर्माण चल रहा है।