पैडलेगंज से फिराक चौराहे तक 1.8 किलोमीटर लंबा फोरलेन बनाया जा रहा है। इसका काम जनवरी 2024 तक पूरा किया जाएगा। करीब 277 करोड़ रुपये की लागत से बन रहे फोरलेन के किनारे नाला बनाया जा रहा है। बारिश होने की वजह से यहां पर नाला की ढलाई का काम प्रभावित हो रहा था। लेकिन अब इसके काम में तेजी आई है। यहां काम कर रहे मजदूरों ने बताया कि बारिश होने से मिट्टी में जेसीबी नहीं चल पा रही थी। लेकिन अब मौसम सही होने से ढलाई और मिट्टी पटाई का काम चल रहा है।
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मेडिकल कॉलेज रोड के खजांची चौराहे पर फ्लाईओवर निर्माण का काम जनवरी माह में शुरू हुआ था। 97 करोड़ रुपये की लागत से 600 मीटर लंबा फ्लाईओवर बनाया जा रहा है। इसके लिए दोनों ओर पिलर, तैयार हो चुके हैं, अब गर्डर (बीम) बन रहा है। पानी बरसने की वजह से यहां काम कई बार काम ठप हो गया था। लेकिन अब मौसम ठीक होने से इसके काम में तेजी आई है।
पानी बरसने के कारण गीली मिट्टी में जेसीबी सहित अन्य भारी मशीनें नहीं चल पा रही थीं। पुल और छत की ढलाई का काम प्रभावित हो रहा था। नाला खोदने पर इसमें पानी भरने के कारण मजदूर नहीं उतर पा रहे थे। इसलिए काम रोकना पड़ जा रहा था। कार्यदायी संस्थाओं से जुड़े लोगों का कहना है कि बरसात में कोई भी निर्माण कार्य कराना कठिन होता है। कच्ची मिट्टी में काम करने में कठिनाई आती है। मिट्टी की भराई का काम नहीं हो पाता।
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सोनौली हाईवे पर गोरखनाथ ओवरब्रिज के समानांतर नया ओवरब्रिज बनाया जा रहा है। 776.32 मीटर लंबे ओवरब्रिज के निर्माण के लिए 178 करोड़ रुपये का बजट जारी हुआ है। अगस्त में इसका काम शुरू कराया गया, लेकिन बारिश के कारण काम की रफ्तार धीमी रही। मौसम से राहत मिलने के बाद इसका आगे का काम तेजी से चल रहा है। धर्मशाला की ओर से जाने पर ओवरब्रिज के पिलर बना दिए गए हैं। इस पिलर पर गर्डर बनाया जा रहा है। शुक्रवार की दोपहर 12.55 बजे कामगार गर्डर बना रहे थे। यहां मिले श्रीनिवास ने बताया कि अब मौसम से राहत मिली है। इसलिए तेजी से काम कराया जा रहा है।
सेतु निगम परियोजना प्रबंधक एके सिंह ने कहा कि बारिश के कारण निर्माण कार्य प्रभावित हो रहे थे। मौसम अनुकूल होने के बाद अब काम की रफ्तार बढ़ी है। जितने भी फ्लाईओवर और ओवरब्रिज बनाए जा रहे हैं, उनको समय से पूरा कराने का लक्ष्य रखा गया है।