बुद्ध नगर महावीर प्रसाद के गली में बरसात में हो जाता है जलजमाव। इससे बचने के लिए अपना बरामद ऊंचा करवा लिए है।
- फोटो : अमर उजाला।
वार्ड नंबर 70, चंद्रशेखर आजाद नगर वार्ड के बुद्ध नगर मोहल्ले में भी लोग आने वाली बरसात से खौफ में हैं। इस मोहल्ले में पूर्व राज्यपाल महावीर प्रसाद मकान है। इसलिए इसे महावीर प्रसाद की गली के नाम से जाना जाता है। यहां सौ से अधिक मकानों में जलभराव होता है। बारिश होने पर उल्टे नाले से घर में बहकर पानी चला जाता है।
इसमें लोग बदबू, कीचड़ और गंदगी का सामना करते हैं। देवरिया बाईपास के किनारे बड़ा नाला बना हुआ है। पानी बरसने पर बड़े नाला से इस मोहल्ले की जलनिकासी नहीं होती। यहां नाली का पानी ही सबके घरों में पहुंच जाता है। उमाशंकर बाबू के घर का बरामदा तीन फीट ऊंचा किया गया है। अन्य लोगों ने भी ऊंची दीवार बनाई है, फिर भी जलभराव से राहत नहीं मिल पा रही।
बारिश होगी तो घर में भर जाएगा हाइवे का पानी
बेतियाहाता दक्षिणी मोहल्ला नेशनल हाइवे के किनारे है। यहां सड़क किनारे नाला नहीं है। गर्मी के मौसम में नाबदान का पानी निकालने के लिए लोगों ने घरों के आगे सोख्ता बनवाए हैं। कुछ लोग खाली जगहों पर पानी बहाते हैं। मोहल्ले के उमेश चंद पांडेय, श्यामकृष्ण, भानु प्रताप अग्रहरी सहित अन्य लोगाें के मकानों में हर बरसात में पानी भर जाता है। इस मोहल्ले से फलमंडी तक नाला का निर्माण की मांग लोग तीन साल से नगर निगम के अधिकारियों से कर रहे हैं, ताकि समस्या से निजात मिल सके। लेकिन कोई समाधान नहीं हो रहा है। इसलिए यहां के लोगों ने अभी से सामानों को ऊंचे स्थान पर रखना शुरू कर दिया है।
हल्की बारिश में हम लोगों के घरों में जलभराव हो रहा है। इस समस्या से निजात दिलाने की जरूरत है। रुस्तमपुर चौराहे से फलमंडी तक हाइवे के किनारे तक नाला बन जाए तो हम लोगों को राहत मिल जाएगी।
-भानुप्रताप अग्रहरी, बेतियाहाता दक्षिणी।
बरसात होने पर हाइवे का पानी भी लोगों के घरों में पहुंच जाता है। कम से कम अधिकारियों को यह सोचना चाहिए कि सड़क किनारे रहने वाले लोगों को क्या परेशानी होती है। किसी अधिकारी के घर में जलभराव हो तो लोगाें का दर्द समझ में आएगा।
-उमेश चंद पांडेय, बेतियाहाता दक्षिणी।
बाईपास हाइवे के नाला में फलमंडी, महेवा सहित अन्य जगहों का पानी आता है। बारिश होने पर बुद्ध नगर मोहल्ले का पानी यहां से नहीं निकल पाता है। ऐसे में सबके घरों में पानी भर जाता है।
-राम मनोहर, बुद्ध नगर।
तीन से चार फीट तक दीवार बनाई गई है। बरामदों को ऊंचा कराया गया है। अब और क्या किया जा सकता है। मोहल्ले में बसें हैं तो घरबार छोड़ना आसान नहीं है। बरसात का सीजन जलभराव में ही गुजरेगा।
-छोटेलाल भारती, बुद्ध नगर।
नाली ऊंची हो गई है, जबकि मुख्य नाला चोक है। सड़क बनने से आने जाने में राहत मिली है। लेकिन घरों के भीतर जलभराव से राहत नहीं मिल पाई। इसलिए मिट्टी पटवा रहे हैं।
-प्रदीप पांडेय, दुर्गा मंदिर गली।
यहां दो सौ से अधिक मकान हैं। इन मकानों में जलभराव होता है। दो दिन पहले हल्की बारिश से घर में कीचड़, मिट्टी, कूड़ा कचरा फैल गया। दो घंटे में पानी निकलता है, तो चार घंटा सफाई में लग जाता है।
-संपूर्णानंद, दुर्गा मंदिर गली।
दाउदपुर में बरसात में पानी लग जाता है। पानी से बचने के लिए घर के सामने दीवार चलवा दिया।
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गोरखपुर शहर में जलभराव से निजात दिलाने के लिए कार्ययोजना बनाई गई है। इस संबंध में बैठक करके आवश्यक निर्देश दिए गए हैं। नगर निगम के नालों की साफ-सफाई कराई जा रही है। निचले स्थानों पर पंपिंग सेट लगाए जाएंगे। नाला-नाली के जो निर्माण कार्य चल रहे हैं। उनको समय से पूरा कराने को कहा गया है। -गौरव सिंह सोगरवाल, नगर आयुक्त।
हमारे वार्ड में बुद्ध नगर मोहल्ला ही है, जहां पर जलभराव होता है। यहां की समस्या के समाधान का प्रयास किया जा रहा है। अन्य जगहों पर जलभराव की परेशानी नहीं है।-धर्मेंद्र सिंह, पार्षद, वार्ड नंबर 70, चंद्रशेखर आजाद चौक।