आईपीएल के फाइनल मैच के लिए शहर में जमकर सट्टा लगाया गया। ऑनलाइन और ऑफलाइन दोनों मोड में सट्टेबाजों ने अपने दांव लगाए। हालांकि, बारिश के चलते मैच में जैसे-जैसे देरी होती गई, सट्टे का का दांव और भाव भी बदलता गया।
रविवार को बेतियाहाता में एक पान की दुकान पर आए ग्राहक लगातार आईपीएल फाइनल मैच के बारे में जानकारी ले रहा था। बात-बात में ही उससे पता चला कि उसने टॉस पर 50 हजार रुपये का दांव लगाया है। बताया कि टॉस ही नहीं, हर गेंद, ओवर, शॉट, कैच, रन पर पैसा लगता है। लगाने वाले चाहें तो ऑनलाइन या ऑफलाइन अपना पैसा आईपीएल में लगा सकते हैं।
आईपीएल के शुरू होते ही सट्टा बाजार गरम हो जाता है। सट्टेबाज मोबाइल एप, ऑनलाइन और व्हाट्सएप कालिंग के जरिए सट्टा लगाते हैं। इस खेल को पकड़ने में पुलिस फेल हो जाती है। रविवार की शाम सभी बड़े बाजारों व सट्टा के अड्डों पर आईपीएल के भाव को लेकर चर्चा चलती रही। सट्टेबाज अपनी गणना और मुंबई और बेंगलुरू के सट्टेबाजों के आधार पर अलग-अलग भाव खोलते रहे। मैच शुरू होने के पहले बारिश शुरू हुई तो सभी अपने लगाए भाव को लेकर परेशान हो गए। इंदिरा बाल विहार पार्क के पास फोन पर ऑनलाइन सट्टा का भाव बदलते देखे गए।
मुंबई-बेंगलुरू से होती है डील, सटीक होता है दांव
सट्टेबाजी का अधिकांश दांव मुंबई और बैंगलुरू में बैठे बुकी के जरिए होता है। मैच शुरू होने के कुछ घंटे पहले बुकी मैच का रेट खोल देते हैं। शहर में फोन और इंटरनेट के जरिए सट्टेबाज करोड़ों रुपये का वारा-न्यारा कर जाते हैं। जानकारों का कहना है कि सभी मैचों का कैंलेडर बनाकर सट्टेबाज खेलते हैं। इस चार्ट में मैच, उसमें शामिल होने वाले प्लेयर सहित अन्य जानकारी होती है। इसलिए सटोरियों के ज्यादातर दांव सटीक बैठते हैं। आईपीएल का अधिकांश मैच इनके मैथ से मैच करता है।
बारिश होने से बंद हो गया मैच का भाव
अहमदाबाद में होने वाले आईपीएल मैच पर बारिश से संशय होने लगा। इसका असर ऑनलाइन बाजार में दिखा। ऑनलाइन एक वेबसाइट पर करीब 9 बजे भाव अचानक रुक गया था। जानकार बताते हैं कि बारिश होने से मैच के भाव पर असर पड़ गया। लेकिन, उस समय तक भी एक टीम पर जीत का भाव 51 प्रतिशत था और दूसरी टीम पर 49 प्रतिशत का।
सट्टेबाजी होती है एप से, लेनदेन नकद
सट्टेबाज एप की मदद से अपना दांव और पैसा लगाते हैं। लेकिन, पैसे का लेनदेन नकद होता है। सट्टे की रकम हर गेंद पर बदलती है। कोई रन के हिसाब से तो कोई विकेट के आधार पर अपना दांव लगाता है। सट्टेबाज इसका पूरा हिसाब रखते हैं। अगले दिन रुपये का लेनदेन होता है। सट्टा खेलने के लिए क्रिकेट बीट, क्विक बीट, बीट कूलर, ईसाई फाक्स समेत कई ऐप पर भी सट्टेबाज पैसे लगाते हैं।
इस क्रम पर लगते हैं दांव
-टॉस और पहले बल्लेबाजी के फैसले पर
- टीमों की जीत और हार को लेकर
- किस ओवर में किस बॉल पर कितना रन बनेगा
- कौन से बल्लेबाज और गेंदबाज खास परफार्मेंस दिखाएगा
- खास बल्लेबाज या गेंदबाज के प्रदर्शन पर
- मैच के अंतिम ओवर में कितने रन बनेंगे
- मैच के अंतिम ओवर में बनने वाले रन पर
- मैच कितने ओवर में खत्म हो जाएगा