- गोरखपुर विश्वविद्यालय के विधि विभाग में प्रतिमा स्थापना की मांग को लेकर बहुजन पंचायत
- कथित जातीय उत्पीड़न के आरोप में कार्रवाई की भी मांग
गोरखपुर। दीनदयाल उपाध्याय गोरखपुर विश्वविद्यालय के विधि विभाग में बाबा साहब डॉ. भीमराव आंबेडकर की प्रतिमा स्थापित करने की करीब 10 साल पुरानी मांग को लेकर शनिवार को बहुजन पंचायत हुई। छात्र संगठनों ने प्रशासन को 10 दिन का समय देते हुए मांग पूरी करने की दिशा में कार्रवाई की मांग की। पंचायत के बाद राज्यपाल और कुलपति को संबोधित ज्ञापन कुलसचिव को सौंपा गया।
अंबेडरकरवादी छात्रसभा और अंबेडरकाराइट स्टूडेंट यूनियन फॉर राइट्स के आह्वान पर विश्वविद्यालय के मुख्य द्वार पर शनिवार को हुई पंचायत में छात्र और कर्मचारी शामिल हुए। संगठनों के पदाधिकारियों के अनुसार प्रतिमा उपलब्ध होने के बावजूद अब तक विधि विभाग में स्थापित नहीं की गई है।
ज्ञापन में संगठनों के पदाधिकारियों ने आरोप लगाया कि विधि विभाग के एक शिक्षक ने अनुसूचित जाति के कर्मचारी से सार्वजनिक रूप से कथित तौर पर अभद्रता की और जान से मारने की धमकी दी। उनका दावा है कि घटना का सीसीटीवी फुटेज उपलब्ध है, फिर भी कार्रवाई नहीं हुई। मामले की निष्पक्ष जांच और दोषी पाए जाने पर नियमानुसार कार्रवाई की मांग की गई।
अंबेडकरवादी छात्रसभा के संस्थापक अध्यक्ष अमर सिंह पासवान ने कहा कि जातीय भेदभाव, अपमान या धमकी की शिकायतों पर विश्वविद्यालय प्रशासन को निष्पक्ष कार्रवाई करनी चाहिए। वहीं, अंबेडरकराइट स्टूडेंट यूनियन फॉर राइट्स के राष्ट्रीय संयोजक धीरेंद्र प्रताप ने कहा कि मांग समानता, सम्मान और भयमुक्त शैक्षणिक वातावरण को लेकर है।
प्रदेश अध्यक्ष सतीश चंद्र ''''सिंघम'''' ने कहा कि आंबेडकर की प्रतिमा स्थापना की मांग लंबे समय से लंबित है। 10 दिन बाद आंदोलन तेज किया जाएगा। पंचायत में बड़ी संख्या में छात्र, कर्मचारी और समर्थक मौजूद रहे।