गोरखपुर जिले में ऑक्सीजन सिलिंडर रिफिलिंग के लिए लोगों को आठ-आठ घंटे तक इंतजार करना पड़ रहा है। प्रशासनिक दावों के बीच ऑक्सीजन गैस की किल्लत भले न हो, लेकिन इसे पाने में लोगों को खासी मशक्कत करनी पड़ रही है। नतीजा यह है कि रात-दिन लोगों की लंबी कतारें मुश्किलें बढ़ा रहीं हैं।
दरअसल गीडा में ऑक्सीजन के तीन प्लांट लगाए गए हैं, जिनमें मोदी केमिकल्स प्लांट में रोजाना 2500-2600 सिलिंडर ऑक्सीजन गैस का उत्पादन और फिलिंग किया जाता है। इसके अलावा आरके ऑक्सीजन में 600-700 सिलिंडर में रिफिलिंग होती है।
इनमें से अधिकांश सिलिंडरों के वितरण का जिम्मा जिला प्रशासन ने संभाल रखा है। जिसके अंतर्गत अस्पतालों को सिलिंडर अलॉट किए गए हैं। अस्पतालों की जरूरतों को पूरा करने के बाद प्लांट संचालक होम आइसोलेशन वाले मरीजों के लिए सिलिंडर की फिलिंग करते हैं। ऐसे में इन लोगों को काफी लंबा इंतजार करना पड़ रहा है।
इन दिनों शहर में ऐसे सैकड़ों लोग हैं जो अपने परिजनों की सांस की डोर थामे रखने के लिए ऑक्सीजन सिलिंडर पाने के लिए गीडा स्थित तीन प्लांटों के बीच चक्कर लगा रहे हैं। स्थिति यह है कि अगर सुबह में कतार लगाते हैं तो शाम तक नंबर आता है और अगर शाम में नंबर लगाते हैं तो आधी रात के बाद नंबर आता है। लोगों का यह इंतजार तकरीबन आठ-आठ घंटे तक का हो जा रहा है। बिना खाए-पीये लोग प्लांट के सामने टकटकी लगाए, खड़े रहते हैं।
मोदी केमिकल्स के निदेशक प्रवीण मोदी ने कहा कि कोरोना संक्रमितों की संख्या दिन प्रति दिन बढ़ती जा रही है। ऐसे में होम आइसोलेशन के मरीजों की संख्या भी काफी ज्यादा है। सुबह से लेकर रात तक लोग सिलिंडर रिफिलिंग कराने के लिए आते हैं। जितनी जल्दी हो सके उन्हें सिलिंडर रिफिल करके दे दिया जाता है।
आरके ऑक्सीजन के निदेशक अजय जायसवाल ने कहा कि हम हर जरूरतमंदों की जरूरत को पूरा करने में दिन-रात जुटे हुए हैं। रिफिल कराने वालों की संख्या काफी ज्यादा रहती है। ऐसे में लोगों को इंतजार भी करना पड़ता है।