गोरखपुर जिले के मतदान प्रतिशत बढ़ाने की तमाम कवायद के बीच कई ऐसे भी वोटर रहे, जो मतदाता सूची में नाम नहीं होने के चलते वोट डालने से वंचित रह गए। बूथ पर जाकर निराश हुए इन वोटरों ने बीते पंचायत चुनाव में वोट दिया था। इनकी मांग है कि अब वन नेशन-वन इलेक्शन-वन वोटर लिस्ट की जरूरत है।
आधार कार्ड से इस वोटर लिस्ट को लिंक किया जाना चाहिए। वोटर लिस्ट से नाम काटने की व्यवस्था ऐसी होनी चाहिए, जिससे किसी वैध वोटर का नाम सूची से बाहर न हो। मतदान से वंचित रह गए लोगों ने कहा कि गैर जिम्मेदारों के हाथ में मतदाता सूची के निर्माण का कार्य होने के चलते ऐसी दिक्कतें आईं। लोगों का कहना था कि वन नेशन वन वोटर लिस्ट जरूरी है।
एक देश में वोटर लिस्ट एक ही होनी चाहिए। विधानसभा और लोकसभा का चुनाव भी एक साथ होना चाहिए। जो व्यक्ति जहां रहता हो, वहीं वोट दे सके इसकी भी व्यवस्था होनी चाहिए। - दुर्गा किशोर शुक्ला, भरोहिया खजनी।
नाम कटने पर तय हो जिम्मेदारी
पंचायत चुनाव में सूची में नाम था, लेकिन इस बार नहीं है। मैं वोट देने गांव आई थीं। वोट नहीं दे पाने से मायूसी हुई। ऐसी सूची बननी चाहिए, जिसमें मतदाता का नाम कटने पर जवाबदेही तय हो। वास्तविक वोटर को वोट देने का मौका मिले। - श्यामा त्रिपाठी, एमबीबीएस छात्रा, भरोहिया।
वन नेशन-वन इलेक्शन से खर्च होगा कम
यदि लोकसभा और विधानसभा का चुनाव एक साथ हो तो खर्च और समय की बचत होगी। मतदान प्रतिशत कम रहने का एक प्रमुख कारण वोटर लिस्ट की गड़बड़ी भी है। इसका समाधान खोजना होगा। - देवांश चौधरी, छात्र, हुमायूंपुर।
वोट नहीं दे पाना कष्टप्रद
छत्तीसगढ़ से वोट देने आए थे। पंचायत चुनाव में नाम था, इसमें नाम ही नहीं है। अगर मतदाता पहचान पत्र बना है तो वोट देने का अधिकार भी मिलना चाहिए। अब व्यवस्था में बदलाव बहुत जरूरी है।- सत्यम त्रिपाठी, छात्र, डोहरिया बांसदेव।
एक वोटर लिस्ट हो
सभी चुनावों के लिए केवल एक ही मतदाता सूची होनी चाहिए। उसे भी आधार कार्ड से लिंक किया जाना चाहिए। एमपी-एमएलए का चुनाव एक साथ हो और स्थानीय निकाय व पंचायत चुनाव का एक साथ। - पवन कुमार त्रिपाठी, भरोहिया।
नाम कैसे कटा पता नहीं
पंचायत चुनाव में मतदान किया था। इस चुनाव के लिए बनी सूची में नाम नहीं है। बूथ पर जाने के बाद इसकी जानकारी हुई। मतदाता पर्ची भी नहीं मिली थी। वोटर लिस्ट बनाने वालों पर भी कार्रवाई होनी चाहिए।- प्रज्ञा राय, पलहीपार खजनी।