गोरखपुर। दीनदयाल उपाध्याय गोरखपुर विश्वविद्यालय के समीप बनने वाले अत्याधुनिक व इंटीग्रेटेड मॉडल पर आधारित विश्वस्तरीय हाईटेक साइंस म्यूजियम (विज्ञान संग्रहालय) में 7 डी थिएटर के साथ वर्चुअल हेलिकॉप्टर राइड की भी सुविधा होगी। इसका मुख्य आकर्षण इसकी पांच विशेष ‘थिमेटिक गैलरी'' होंगी। प्रत्येक गैलरी एक विशिष्ट विषय पर आधारित होगी, जहां दर्शक वैज्ञानिक सिद्धांतों और ब्रह्मांडीय विकास को जीवंत रूप में समझ सकेंगे।
म्यूजियम को बनाने में 49 करोड़ 97 लाख 66 हजार रुपये की लागत आएगी। इस परियोजना के लिए नगर निगम की तरफ से टेंडर प्रक्रिया पूरी की जा चुकी है और जल्द ही धरातल पर निर्माण कार्य शुरू कर दिया जाएगा। विद्यार्थियों और आम दर्शकों को आकर्षित करने के लिए म्यूजियम में आधुनिक सिमुलेशन तकनीकों, संवर्धित वास्तविकता और वर्चुअल रियलिटी का व्यापक उपयोग किया जाएगा। इसके साथ ही दर्शकों के लिए एक ''वर्चुअल हेलिकॉप्टर राइड'' सिम्युलेटर भी लगाया जाएगा। इस राइड में बैठकर आगंतुक वर्चुअल तकनीक के सहारे समूचे गोरखपुर की वर्चुअल हवाई यात्रा का रोमांच महसूस कर सकेंगे।
आकाशगंगा और ब्रह्मांड के रहस्यों को समझने में होगी आसानी
साइंस म्यूजियम की गैलरियां कॉस्मिक कैनवास एंड फ्यूचर फ्रंटियर्स, मनुष्य (ह्यूमन जर्नी), इसरो, क्वांटम क्वेस्ट साइंस प्ले और जिओ साइंस थीम पर होंगी। कॉस्मिक कैनवास में आकाशगंगा और ब्रह्मांड के रहस्यों को समझने के लिए हर प्रकार की जानकारी मिलेगी। जिओ साइंस गैलरी में पृथ्वी की संरचना को जानने के साथ भूकंप जैसी आपदा को डिजिटल सिस्मिक प्लेटफार्म पर समझा जा सकेगा। ‘मनुष्य’ गैलरी इतिहास और विज्ञान के समन्वय वाली होगी। इस गैलरी में मानव की विकास यात्रा को चरणबद्ध तरीके से प्रस्तुत किया जाएगा। इस गैलरी में वर्चुअल रियलिटी तकनीक से प्राचीन गुफाओं के शैल चित्रों का अनुभव कराया जाएगा। साथ ही जादुई आईने से मानव शरीर के विकास क्रम को समझाया जाएगा।
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इसरो की उपलब्धियां भी जान सकेंगे
इसरो (भारतीय अंतरिक्ष अनुसंधान संगठन) की गैलरी में जहां भारतीय अंतरिक्ष कार्यक्रम के जनक डॉ. विक्रम साराभाई की होलोग्राम इमेज नजर आएगी तो वहीं इसरो की अब तक की उपलब्धियों को भी डिजिटल तकनीकी एवं विशेष रॉकेट मॉडल्स के जरिये प्रदर्शित किया जाएगा। क्वांटम क्वेस्ट साइंस प्ले गैलरी में दर्शक और विद्यार्थी अत्याधुनिक रोबोटिक्स उपकरणों से दैनिक जीवन में काम आने वाले भौतिकी के सवालों को हैंड्स-ऑन मॉडल्स और प्रयोगों के माध्यम से सरल अंदाज में समझ सकेंगे। इस थिएटर में मोशन सीट्स, विंड, स्मेल, वाटर स्प्रिंकल और फॉग जैसे स्पेशल इफेक्ट्स के जरिए दर्शक वैज्ञानिक डॉक्युमेंट्रीज का सजीव अनुभव ले सकेंगे।
कोट
साइंस म्यूजियम के निर्माण के लिए कार्यदायी संस्था के रूप में यूपी जल निगम शहरी की यूनिट, कंस्ट्रक्शन एंड डिजाइन सर्विसेज (सीएंडडीएस) को जिम्मेदारी दी गई है। उन्होंने बताया कि इस परियोजना के लिए टेंडर की प्रक्रिया पूर्ण कर ली गई है। निर्माण कार्य शुरू कराने की तैयारी की जा रही है।
अमित शर्मा, मुख्य अभियंता, नगर निगम