उत्तर प्रदेश के गोरखपुर जिले में एक हैरान करने वाला मामला सामने आया है। यहां मकान की किराएदारी का विवाद सुलझाने गुलरिहा थाने पहुंचे एक पक्ष के लोग दरोगा से भिड़ गए। आरोप लगाया कि दरोगा एक पक्षीय कार्रवाई कर रहे हैं। पुलिस ने विवाद करने वाले दोनों पक्ष के चार लोगों का शांतिभंग में चालान कर दिया। सीओ ने लिखित शिकायत पर जांच कराने का आश्वासन दिया है।
जानकारी के मुताबिक, गुलरिया बाजार निवासी मकरध्वज के मकान को उन्हीं के गांव के तीन भाई अजय, विजय, विनय ने किराये पर ले रखा है। तीनों मकान में पानी का प्लांट चलाते हैं। मकरध्वज पिछले एक वर्ष से तीनों से मकान खाली करने के लिए कह रहे हैं। शनिवार सुबह मकरध्वज गांव के कुछ लोगों के साथ थाने पहुंचे। वहां पहले से दूसरा पक्ष मौजूद था। इसी बीच मकरध्वज के साथ आए बृजेश गुप्ता, अरविंद, अशोक, दीपक ने उपनिरीक्षक रिजवान अहमद पर एक पक्षीय कार्रवाई करने की बात कहते हुए बहस करने लगे। वहीं, एक दूसरे को देख लेने की धमकी दे डाली।
पुलिस ने दोनों पक्षों से बृजेश, अशोक, दीपक, अरविंद और विनय को हिरासत में लेकर शांति भंग में चालान कर दिया। थाने पहुंचे सीओ चौरी चौरा अखिलानंद उपाध्याय से मकरध्वज की तरफ से ग्रामीणों ने उपनिरीक्षक के खिलाफ मौखिक शिकायत की।
सीओ ने कहा कि लिखित शिकायत दीजिए, जांच कर कार्रवाई की जाएगी। ग्रामीणों ने फिलहाल लिखित शिकायत नहीं दी है। थाना प्रभारी गुलरिहा चंद्रहास मिश्रा ने बताया कि दोनों पक्ष मकान खाली कराने की बात पर आपस में थाना परिसर में भिड़ गये थे। कानूनी कार्रवाई की गई है।