सहजनवा (गोरखपुर)। बनगावां गांव के पास सहजनवां-दोहरीघाट निर्माणाधीन रेलवे लाइन पर बनाए जा रहे अंडरपास का विरोध करते हुए 24 गांव के लोग शनिवार को सड़क पर उतर आए। रेलवे पर स्थानीय हितों की अनदेखी का आरोप लगाते हुए उन्होंने अंडरपास के निर्माण को अव्यवहारिक बताया। रेलवे की परियोजना के विरोध में उन्होंने करीब दो घंटे तक प्रदर्शन करते रहे और सड़क जाम रखी। इसके चलते वाहनों की लंबी कतारें लग गईं और राहगीरों को परेशानी का सामना करना पड़ा। विधायक के आश्वासन पर धरना समाप्त हुआ।
सहजनवां में जिगिना-फरसाडाड़ मार्ग पर अंडरपास बनाया जा रहा है। ग्रामीणों का आरोप है कि रेलवे ने अंडरपास का निर्माण मुख्य सड़क से करीब 70 मीटर हटकर शुरू किया है, जिससे लोगों को अतिरिक्त दूरी तय करनी पड़ेगी। उनका कहना है कि निर्माण स्थल का चयन स्थानीय लोगों की राय लिए बिना किया गया है, जबकि यह मार्ग क्षेत्र के दर्जनों गांवों का प्रमुख संपर्क मार्ग है।
प्रदर्शन कर रहे ग्रामीणों ने कहा कि प्रस्तावित अंडरपास की चौड़ाई और ऊंचाई इतनी कम है कि दो बड़े वाहन एक साथ नहीं निकल सकेंगे। ट्रैक्टर-ट्रॉली, ट्रक और अन्य भारी वाहनों के आवागमन में दिक्कत होगी, जिससे जाम और दुर्घटनाओं की आशंका बढ़ेगी। साथ ही बरसात के दौरान जलभराव की समस्या भी लोगों के लिए परेशानी का कारण बन सकती है। उनका कहना था कि ऐसे में ओवरब्रिज ही स्थायी समाधान है।
लग गईं वाहनों की लंबी कतारें , विधायक के आश्वासन पर मानें ग्रामीण
प्रदर्शन के चलते मार्ग पर वाहनों की लंबी कतारें लग गईं। दोनों ओर छोटे-बड़े वाहन खड़े हो गए। इससे राहगीरों को काफी परेशानी का सामना करना पड़ा। सूचना पर सहजनवां विधायक प्रदीप शुक्ला मौके पर पहुंचे और निर्माणाधीन स्थल का निरीक्षण किया। ग्रामीणों से बातचीत की। विधायक ने उनकी समस्याओं को जायज बताते हुए रेलवे अधिकारियों और सांसद से वार्ता का भरोसा दिलाया। इसके बाद ग्रामीणों ने धरना और जाम समाप्त कर दिया। धरना-प्रदर्शन के दौरान भाजपा जिला पंचायत सदस्य संजय शुक्ल, अजीत उपाध्याय, राहुल पांडेय, अंकित यादव, नागेंद्र सिंह, श्रीप्रकाश शुक्ला, भोलू तिवारी, वशिष्ठ मुनि उपाध्याय सहित बड़ी संख्या में ग्रामीण मौजूद रहे। मौके पर पुलिस और प्रशासनिक अधिकारी भी तैनात रहे।
ग्रामीणों का मांगें
1- अंडरपास की जगह ओवरब्रिज का निर्माण,
2-यदि अंडरपास ही बने तो उसे मुख्य सड़क की सीध में बनाया जाए
3-पर्याप्त चौड़ाई और ऊंचाई सुनिश्चित की जाए
4- जलनिकासी की समुचित व्यवस्था हो।
फोटो- Chutney में धरना प्रदर्शन करते ग्रामीण