गोरखपुर। मोहर्रम सकुशल संपन्न कराने के लिए एसएसपी डॉ. गौरव ग्रोवर ने सोमवार को गूगल मीट के जरिए मीटिंग की। उन्होंने ताजिया बैठाने से लेकर उसके करबला तक जाने के लिए जिम्मेदारी तय कर दी है। बीट सिपाही को इस बार भी नोडल अफसर बनाया गया है। इसके अलावा ताजिया स्थल की जांच सीओ करेंगे और जुलूस मार्ग की जांच एएसपी करेंगे। मोहर्रम के मेला जुलूस में अलग से फोर्स की व्यवस्था होगी एवं ड्रोन और वीडियो रिकॉर्डिंग से भी निगरानी की जाएगी। हर जुलूस का रास्ता पूरी तरह से सीसीटीवी कैमरे से कवर होगा। यह निर्णय मोहर्रम पर सुरक्षा को ध्यान में रखकर लिया गया है।
जानकारी के मुताबिक, परंपरागत ताजिया की ही अनुमति दी गई है। नोडल बीट सिपाही की जिम्मेदारी तय की गई है कि वह अपने क्षेत्र में बैठने वाले सभी ताजिया की जानकारी रखें। ताजिया कर्बला तक ले जाने का रूट क्या होगा यह भी उन्हें बताना होगा। साथ ही पुलिस पिछले पांच साल में मोहर्रम को लेकर हुए विवाद को चिह्नित कर रही है।
कोट
ताजिया स्थल पारंपरिक है या नहीं इसकी जांच सीओ करेंगे और जुलूस मार्ग का सत्यापन एएसपी करेंगे। मोहर्रम को ध्यान में रखकर तैयारियां की जा रही हैं। जुलूस के लिए नियुक्त नोडल अफसर के पास जुलूस का पूरा विवरण रहेगा। जुलूस से जुड़े लोगों की जानकारी उनके पास होगी। थानों पर पीस कमेटी की बैठक भी की जा रही है।
- डॉ. गौरव ग्रोवर, एसएसपी