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लापरवाही की हद: भाभी ने काटी बाएं हाथ की अंगुली, डॉक्टर ने रिपोर्ट में लिख दिया दाएं हाथ की

Sat, 07 Aug 2021 04:54 PM IST
vivek shukla अमर उजाला नेटवर्क, देवरिया।

सार

 गलत मेडिकल रिपोर्ट से पीड़ित काट रहा चक्कर। सीएमओ से पीड़ित ने की शिकायत।
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गलत मेडिकल रिपोर्ट बनाने से चक्कर काट रहा पीड़ित। - फोटो : अमर उजाला।
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विस्तार
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देवरिया जिले में मारपीट की घटनाओं में घायलों का मेडिकल रिपोर्ट तैयार करने में जिला अस्पताल की इमरजेंसी में मनमानी की जा रही है। पहुंच के दम पर मेडिकल रिपोर्ट तैयार करने के साथ ही बिना जुगाड़ वालों को परेशान किया जा रहा है। ऐसा ही एक मामला सदर कोतवाली निवासी एक युवक का प्रकाश में आया है। पारिवारिक विवाद में घायल व्यक्ति जब मेडिकल कराने के लिए इमरजेंसी पहुंचा तो जिस हाथ की अंगुली कटी थी, उसका मरहम पट्टी करने के बाद भी दूसरे हाथ की अंगुली कटा होना दर्शा कर मेडिकल रिपोर्ट दे दी गई। चिकित्सक की लापरवाही के कारण अस्पताल में एक्सरे करने से मना कर दिया गया। पीड़ित ने इसकी शिकायत सीएमओ से किया है।
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जानकारी के मुताबिक, सदर कोतवाली के गोबराई गांव निवासी विवेक प्रजापति (27) से गुरुवार को भाभी से विवाद हो गया। मारपीट की घटना में विवेक के बाएं हाथ की कनिष्ठ अंगुली कट गई। उसने घटना की शिकायत कोतवाली पुलिस से की। इसके बाद विवेक को जिला अस्पताल की इमरजेंसी पर इलाज और मेडिकल रिपोर्ट के लिए लाया गया। यहां चिकित्सक ने विवेक का इलाज किया और बाएं हाथ की अंगुली का मरहम पट्टी किया। पर मेडिकल रिपोर्ट में दाहिने हाथ की अंगुली कटी होना दर्शा दिया गया।

रिपोर्ट की गलती का खुलासा तब हुआ जब वह एक्सरे कराने के लिए पहुंचा। एक्सरे टेक्निशिएन मेडिकल रिपोर्ट देखा तो जिस हाथ की अंगुली में चोट लगा था, उसके एक्सरे की जगह दूसरे हाथ एक्सरे का करने को लिखा गया था। इस पर एक्सरे करने से इनकार कर दिया। यह देख विवेक ने इसकी शिकायत सीएमओ डॉ. आलोक पांडेय से किया। सीएमओ ने फिर से मेडिकल रिपोर्ट ठीक करने का आदेश दिया है। जबकि मुकदमा दर्ज कराने पहुंचा तो पुलिस ने मुकदमा दर्ज कर लिया।
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मेडिकल के नाम पर होता है बड़ा खेल
जिला अस्पताल की इमरजेंसी में मेडिकल रिपोर्ट तैयार कराने के नाम पर बड़ा खेल किया जाता है। मारपीट में घायलों का मेडिकल एक तो पुलिस अपनी देखरेख में कराती है। दूसरा बिना पुलिस के भी मेडिकल रिपोर्ट बनाया जाता है। इसमें जुगाड़ वाले लोगों का ही मेडिकल हो पाता है। इसके कारण पीड़ितों को काफी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। 
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