गोरखपुर विश्वविद्यालय से संबद्ध महाविद्यालयों को नए छात्रों का पंजीकरण कराकर शुल्क 12 अक्तूबर तक विश्वविद्यालय में जमा करा देना होगा। सोमवार को गोरखपुर विश्वविद्यालय प्रवेश समिति की ऑनलाइन बैठक में कुलपति प्रो. राजेश सिंह ने यह निर्देश दिया।
कुलपति ने कहा कि विश्वविद्यालय में उच्चस्तरीय शोध का वातावरण विकसित करने की आवश्यकता है। इसके लिए शोध व अनुसंधान के वातावरण को सुदृढ़ बनाने के अन्य नीतिगत विकल्पों पर भी विचार किया जा रहा है। पीएचडी की प्रवेश प्रक्रिया को और पारदर्शी बनाने पर जोर देते हुए कुलपति ने कहा कि शोधार्थियों को उच्चस्तरीय अवसर उपलब्ध कराए जाएंगेे। विश्वविद्यालय के शोध कार्य के लिए स्कॉलरशिप की व्यवस्था भी की जाएगी। शीघ्र ही विश्वविद्यालय की छवि देश-विदेश में एक अच्छे शोध संस्थान के रूप में होगी।
कुलपति ने कहा कि भारत के विभिन्न विश्वविद्यालयों एवं दूतावासों में संपर्क स्थापित कर अन्य राज्यों तथा अंतर्राष्ट्रीय विद्यार्थियों को शोध के लिए तथा स्नातक व परास्नातक कोर्स में गोरखपुर विश्वविद्यालय में प्रवेश के लिए प्रोत्साहित किया जाएगा।
बैठक में प्रो. एसएन तिवारी, प्रो. एके तिवारी, प्रो. नंदिता सिंह, प्रो. विनोद सिंह, प्रो. राजवंत राव, प्रो. विजय कुमार, प्रो. विनय कुमार सिंह, प्रो. शांतनु रस्तोगी, प्रो. अजय सिंह, प्रो. अजेय गुप्ता, डॉ. प्रशांत शाही, कुलसचिव डॉ. ओम प्रकाश, परीक्षा नियंत्रक अमरेंद्र सिंह सहित प्रवेश समिति के अन्य सदस्य उपस्थित रहे।
प्रवेश के लिए आए 48,339 आवेदन
गोरखपुर विश्वविद्यालय में प्रवेश परीक्षा के लिए अभी तक कुल 48,339 विद्यार्थियों ने आवेदन किया है, जिनमें 156 विद्यार्थियों ने पीएचडी में प्रवेश के लिए आवेदन किया है।
तीन दिन में अपडेट लिंक उपलब्ध कराएं महाविद्यालय
प्रवेश की शुचिता एवं पारदर्शिता के दृष्टिगत विश्वविद्यालय की वेबसाइट से समस्त संबद्ध महाविद्यालयों की वेबसाइट को लिंक किया जा रहा है, जिससे विश्वविद्यालय की वेबसाइट से ही महाविद्यालयों की वेबसाइट देखी जा सके। इसके लिए संबद्ध महाविद्यालयों से अपडेट वेबसाइट लिंक को तीन दिन के अंदर विश्वविद्यालय को उपलब्ध कराने को कहा गया है।