गोरखपुर विश्वविद्यालय के दीक्षांत समारोह के दौरान पूर्व प्रधानमंत्री इंदिरा गांधी और प्रो. बेनी माधव शुक्ल
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दीनदयाल उपाध्याय गोरखपुर विश्वविद्यालय के कुलपति रहे प्रो. बेनी माधव शुक्ल (97) का शनिवार की देर रात वाराणसी स्थित उनके आवास पर निधन हो गया। उनके निधन पर मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने शोक जताया है। बता दें कि उनकी पत्नी प्रो. अन्नपूर्णा शुक्ला पिछले लोकसभा चुनाव में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की प्रस्तावक थी।
प्रो. बेनी माधव शुक्ला रसायन विज्ञान के क्षेत्र में कई अहम शोध किए थे। कुलपति रहने के दौरान विश्वविद्यालय के दीक्षांत समारोह में उन्होंने पूर्व प्रधानमंत्री स्व. इंदिरा गांधी को आमंत्रित किया था। इसके बाद से पूरे जिले में उनकी चर्चा जोर-शोर से हुई थी। प्रो. शुक्ला का जन्म जिले के जगतबेला में 24 अप्रैल 1924 को हुआ था। उनके पिता रेलवे में स्टेशन मास्टर थे और जगतबेला स्टेशन पर ही तैनात थे। तीन भाइयों में वह मंझले थे। उनकी प्रारंभिक शिक्षा जुबली इंटर कॉलेज में हुई थी, जहां हाई स्कूल परीक्षा में उन्होंने टॉप किया था। इसके बाद वह उच्च शिक्षा के लिए बनारस चले गए। जहां पर उन्होंने बीएचयू में पढ़ाई की। बीएचयू में पढ़ाई के बाद रसायन विभाग में बतौर लेक्चरर तैनात हुए। इसके अलावा रसायन विभाग के एचओडी की भी जिम्मेदारी संभाली।
तीन साल तक रहे डीडीयू के कुलपति
प्रो. बेनी माधव शुक्ल 1983 में दीन दयाल उपाध्याय गोरखपुर विश्वविद्यालय के कुलपति बने। तीन सालों तक इस पद पर वह रहें। इस बीच उन्होंने शिक्षा के क्षेत्र में काफी काम किए। अपनी बेदाग छवि के लिए वह जाने जाते थे।
दीक्षांत समारोह में बुलाया पूर्व प्रधानमंत्री इंदिरा गांधी को
कुलपति बनने के बाद उन्होंने दीक्षांत समारोह में पूर्व प्रधानमंत्री इंदिरा गांधी को बतौर मुख्य अतिथि अामंत्रित किया था। उनके आमंत्रण को इंदिरा गांधी ने स्वीकार किया था। इसके बाद वह दीक्षांत समारोह में पहुंची थी। इसके बाद से उनकी चर्चा जिले में और होनी लगी थी। बताया जाता है कि इसके बाद से इंदिरा गांधी कभी गोरखपुर विवि नहीं आई। आखिरी बार उनका आना प्रो बेनी शुक्ल के समय में ही हुआ था।