शिक्षक के घर इतना धन बना चर्चा का विषय
मगध विश्वविद्यालय के कुलपति प्रो. राजेंद्र प्रसाद यादव के घर से मिली विदेशी करेंसी व नकदी गोरखपुर विश्वविद्यालय में चर्चा का विषय बन गया है। शुक्रवार को विश्वविद्यालय कैंपस में केवल प्रो. राजेंद्र प्रसाद यादव के घर से मिली करेंसी ही छाई रही। शिक्षक व शिक्षणेत्तर कर्मियों का कहना था कि इनका प्रकरण कई महीने से चल रहा था। तीन महीने पहले एक बार अचानक इनकी गाड़ी भी चेक हुई थी लेकिन उस वक्त भाग्यशाली रहे कुलपति महोदय के घर से इस बार विदेशी करेंसी समेत इतना सब कुछ मिला, जितना कोई सामान्य शिक्षक सोच ही नहीं सकता।
कब क्या हुआ
- मगध विश्वविद्यालय के अभाविप के संयोजक सूरज सिंह ने फरवरी में राज्यपाल व मुख्यमंत्री को शिकायती पत्र दिया था।
- जांच नहीं हुई तो मार्च में पटना हाईकोर्ट में पीआईएल दाखिल कर जांच की मांग की।
- पटना हाईकोर्ट ने राजभवन को कमेटर बनाकर जांच का निर्देश दिया।
- राजभवन ने दो सदस्यीय कमेटी बनाई। लखनऊ विश्वविद्यालय के पूर्व कुलपति व वर्तमान में ललित नारायण मिश्र विश्वविद्यालय मिथिला, बिहार के कुलपति सुरेंद्र प्रताप सिंह व बिहार विश्वविद्यालय मुजफ्फरपुर के कुलपति हनुमंत पांडेय की जांच सौंपी गई।
- जांच रिपोर्ट में वीसी राजेंद्र प्रसाद यादव को क्लीन चिट मिल गई। सुबूतों को नजर अंदाज कर दिया।
- इसके बाद फिर पटना हाईकोर्ट में पीआईएल दाखिल की। इसके अलावा निगरानी ब्यूरो पटना में भी शिकायत दर्ज कराई।
- राष्ट्रपति कार्यालय, प्रधानमंत्री कार्यालय, मुख्यमंत्री कार्यालय को भी शिकायती पत्र भेजा गया।