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गोरखपुर: रक्षामंत्री को कुलपति ने दिया विशिष्ट पुरातन छात्र सम्मान, मुख्य अतिथि आने की दी सहमति

Tue, 11 Oct 2022 02:42 PM IST
vivek shukla अमर उजाला ब्यूरो, गोरखपुर।

सार

कुलपति प्रो. राजेश सिंह ने बताया कि गोरखपुर विश्वविद्यालय ने दो विशिष्ट पूर्व छात्रों के नाम पर दो स्वर्ण पदक शुरू किए हैं। राजनाथ सिंह (भौतिकी में स्नातक में उच्चतम अंक) और प्रो. देवेंद्र शर्मा (एमएससी भौतिकी में उच्चतम अंक) स्वर्ण पदक 2022-23 से प्रदान किया जाएगा।
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रक्षामंत्री को कुलपति ने दिया विशिष्ट पुरातन छात्र सम्मान। - फोटो : अमर उजाला।
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विस्तार
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देश के रक्षामंत्री राजनाथ सिंह को दीनदयाल उपाध्याय गोरखपुर विश्वविद्यालय के विशिष्ट पुरातन छात्र सम्मान से नवाजा गया है। कुलपति प्रो. राजेश सिंह ने रक्षामंत्री को यह सम्मान उनके नई दिल्ली स्थित सरकारी आवास पर रविवार को दिया। कुलपति ने बताया कि रक्षामंत्री राजनाथ सिंह ने दिसंबर के पहले सप्ताह में गोरखपुर विश्वविद्यालय के प्रथम अंतरराष्ट्रीय छात्र सम्मेलन में बतौर मुख्य अतिथि आने की सहमति दे दी है।

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कुलपति प्रो. राजेश सिंह ने बताया कि गोरखपुर विश्वविद्यालय ने दो विशिष्ट पूर्व छात्रों के नाम पर दो स्वर्ण पदक शुरू किए हैं। राजनाथ सिंह (भौतिकी में स्नातक में उच्चतम अंक) और प्रो. देवेंद्र शर्मा (एमएससी भौतिकी में उच्चतम अंक) स्वर्ण पदक 2022-23 से प्रदान किया जाएगा।
 
राजनाथ सिंह, गोरखपुर विश्वविद्यालय के पूर्व छात्र हैं। उन्होंने 1969 में केबीपीजी कॉलेज, मिर्जापुर से बीएससी (गणित, भौतिकी और रसायन विज्ञान) और एमएससी  (भौतिकी) 1971 में गोरखपुर विश्वविद्यालय से प्रथम श्रेणी के साथ उत्तीर्ण किया। वह 1985 में प्रो. एलएन त्रिपाठी के अधीन पीएचडी में पंजीकृत हुए थे। उन्होंने प्रतिष्ठित अंतरराष्ट्रीय जर्नल में इलेक्ट्रोल्यूमिनेसिसेंस पर दो शोध पत्र प्रकाशित किए थे।
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कुलपति ने बताया कि राजनाथ सिंह ने विश्विद्यालय से अपनी पीएचडी लगभग पूरी कर ली थी। 1991 में उत्तर प्रदेश की पहली भाजपा सरकार में शिक्षा मंत्री बनने के समय वे सबमिशन के कगार पर थे। गोरखपुर विश्वविद्यालय के भौतिकी विभाग में उनके पर्यवेक्षक और शिक्षकों ने अपनी पीएचडी थीसिस जमा करने के लिए राजनाथ सिंह से संपर्क किया, लेकिन शिक्षा के प्रति उनके उच्चतम आदर्शों के कारण उन्होंने ऐसा करने से इन्कार कर दिया।

उन्होंने बताया कि राजनाथ सिंह 1970-71 के दौरान एबीवीपी के सक्रिय सदस्य और तत्कालीन गोरखपुर विश्वविद्यालय के छात्र नेता थे। वह एकमात्र छात्र नेता रहे, जिन्होंने तत्कालीन प्रधानमंत्री इंदिरा गांधी की अक्तूबर 1971 में यात्रा का विरोध किया था।

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