विशेषज्ञों की रिपोर्ट पर ताल कंदला की जमीन पर नहीं बनी सहमति
सदर तहसील प्रशासन ने इसके बाद ताल कंदला में 50 एकड़ से अधिक जमीन चिह्नित की। एक ही जगह वेटनरी कॉलेज एवं चारागाह, दोनों के लिए जगह उपलब्ध हो सके, इसके लिए यही जमीन फाइनल करने का निर्णय ले लिया गया था। पंडित दीन दयाल उपाध्याय पशु चिकित्सा विश्वविद्यालय एवं गो अनुसंधान मथुरा की विशेषज्ञ समिति ने इस जमीन का निरीक्षण भी कर लिया था।
टीम ने इसे सही नहीं बताया था। बाद में यह तय हुआ कि पीडब्ल्यूडी से यहां मिट्टी भरवाकर इसी जमीन का प्रयोग किया जाएगा लेकिन छह जून को मुख्यमंत्री ने इस जमीन को अनुपयुक्त बताया। दो दिवसीय गोरखपुर दौरे पर आए मुख्यमंत्री ने 20 जून को अधिकारियों के साथ बैठक करते हुए वेटनरी कॉलेज के लिए जल्द जमीन चिह्नित करने का निर्देश दिया था।
विशेषज्ञों की टीम ने डीएम के साथ की बैठक
निरीक्षण करने वाली टीम में पंडित दीनदयाल उपाध्याय पशु चिकित्सा विश्वविद्यालय एवं गो अनुसंधान केंद्र मथुरा के डीन डॉ. पीके शुक्ला, सर्जरी विभाग के प्रोफेसर एवं हेड डॉ. आरपी पांडेय के अलावा गोरखपुर के मुख्य पशु चिकित्सा अधिकारी डॉ. बीपी सिंह के साथ लोक निर्माण विभाग और राजस्व विभाग के अधिकारी मौजूद रहे। निरीक्षण के बाद विशेषज्ञों की टीम ने शाम को डीएम कृष्णा करुणेश और एसडीएम सदर कुलदीप मीणा से मिलकर जमीन पर चर्चा की। टीम ने चिह्नित जमीन पर अपनी संतुष्टि जताई है।