सिंचाई विभाग के मुख्य अभियंता आलोक जैन के अक्तूबर में अवकाश ग्रहण करने के बाद से उनकी जगह किसी और की तैनाती नहीं हुई है। इतना ही नहीं मुख्य अभियंता का प्रभार भी किसी अधीक्षण अभियंता को नहीं दिया गया है। मुख्य अभियंता का पद विभाग में शून्य घोषित हो गया है। इस नाते विभाग का कार्य प्रभावित हो रहा है। कब वहां किसी की तैनाती होगी विभाग के जिम्मेदारों को पता नहीं है।
गोरखपुर में गंडक जोन का कार्यालय है। यहां पर मुख्य अभियंता सिंचाई की तैनाती रहती है। यहां के मुख्य अभियंता रहे आलोक जैन 31 अक्तूबर को सेवानिवृत्ति हो गए। तबसे अब तक उस कुर्सी पर कोई बैठा नही है। विभाग के एक जिम्मेदार अधिकारी के मुताबिक जब भी मुख्य अभियंता रि लटायर होते हैं तो या तो किसी की वहां तैनाती होती है या किसी सीनियर अधीक्षण अभियंता को उनका चार्ज दे दिया जाता है। जिससे विभाग का कार्य सुचारू रूप से चल सके। लेकिन, आलोक जैन के रिटायर होने के बाद उनके स्थान को शून्य कर दिया गया है।
विभाग के एक जिम्मेदार के मुताबिक तमाम मामले हाईकोर्ट में हैं। उसमें मुख्य अभियंता को पार्टी बनाया गया है। ऐसे में जब कोई मुख्य अभियंता नहीं है तो हाईकोर्ट में भी कोई नहीं जा रहा है। इसके अतिरिक्त पूरे गंडक जोन का कार्य विभाग का प्रभावित हो रहा है। इस लिए मुख्य अभियंता की तैनाती आवश्यक है।
सिंचाई विभाग अधीक्षण अभियंता दिनेश सिंह ने कहा कि मुख्य अभियंता के नहीं रहने से विभाग का कार्य प्रभावित हो रहा है। किसी को मुख्य अभियंता का प्रभार नहीं दिया गया है। उस जगह को शून्य घोषित कर दिया गया है। जब तक कोई नहीं आता है ऐसे ही काम चलता रहेगा।