गोरखपुर खाद कारखाना लाते वक्त बरौनी के पास जल मार्ग में फंस गई यूरिया स्ट्रिपर व यूरिया कन्वर्टर की चार मशीनें अब 15 दिन के भीतर गोरखपुर पहुंच जाएंगी। ये मशीनें गुजरात से जल मार्ग से लाई जा रही थी, मगर दिसंबर 2019 में नदी में पानी कम होने की वजह से शिप बिहार के बरौनी के पास फंस गई।
बाद में नदी की सिल्ट हटाकर इस शिप को किसी तरह बिहार के ही डोरीगंज पहुंचाया गया। कारखाने का निर्माण करा रही हिन्दुस्तान उर्वरक एवं रसायन लिमिटेड (एचयूआरएल) के वरिष्ठ प्रबंधक सुबोध दीक्षित के मुताबिक डोरीगंज से इन मशीनों को उतारकर 224 पहिये वाले ट्रेलर पर लोड किया गया। मशीनों को लेकर ट्रेलर चल दिया है।
इसके यहां 12 से 15 दिन में पहुंच जाने की उम्मीद है। डोरीगंज से मशीनों को लेकर चला ये ट्रेलर मसरह, गोपालगंज, फाजिलनगर, कुशीनगर, हाटा, कप्तानगंज, परतावल, भटहट, झुंगिया, एसएसबी गेट के रास्ते खाद कारखाना परिसर में पहुंचेगा। अमोनिया कन्वर्टर मशीनों का वजन 650 मीट्रिक टन है। बहुत चौड़ी होने की वजह से इन्हें जल मार्ग से लाना पड़ा।