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UPSC Result: गोरखपुर के अर्पित गुप्ता की देश में 54वीं रैंक, बनेंगे आईएएस

Tue, 31 May 2022 12:47 PM IST
vivek shukla अमर उजाला ब्यूरो, गोरखपुर।

सार

अर्पित ने बताया कि मैंने, खुद के बनाए नोट्स पर भरोसा किया। घर पर रहकर पढ़ाई शुरू की। संघ लोक सेवा आयोग की प्रारंभिक और मेन की परीक्षा दी। दूसरे प्रयास में कामयाब हो गए।
 
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अर्पित गुप्ता। - फोटो : अमर उजाला।
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विस्तार
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किसी भी प्रतियोगी परीक्षा की तैयारी के लिए सबसे पहले कोर्स को समझें और सेल्फ स्टडी पर ध्यान दें। कोचिंग सेंटरों के चक्कर में मत फंसें। ऑनलाइन बहुत सारी पाठ्य सामग्री उपलब्ध है, उसका अध्ययन करें। मैंने ऐसा ही किया और कामयाबी हासिल की है। सफलता का यह मूलमंत्र संघ लोक सेवा आयोग (यूपीएससी) की अंतिम परीक्षा में आल इंडिया 54वीं रैंक हासिल करने वाले अर्पित गुप्ता ने दिया है। रैंक के हिसाब से अर्पित को आईएएस कैडर मिलना तय है।  

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आईआईटी रुड़की से बीटेक करने वाले अर्पित गुप्ता ने दूसरे प्रयास में ही कामयाबी हासिल की है। मैथमेटिक्स विषय से प्रतियोगी परीक्षा देने वाले अर्पित का कहना है कि आईएएस बनकर गरीब बच्चों को शिक्षा जैसी बुनियादी सुविधाएं मुहैया कराना है। सरकारी स्कूलों की पढ़ाई को और बेहतर बनाना ही मकसद है। सच कहूं तो यही दो मुद्दे ऐसे हैं, जिनसे मुझे आईएएस बनने की प्रेरणा मिली है।

अर्पित बचपन से ही मेधावी रहे हैं। उन्होंने आईटी रुड़की से मेकैनिकल इंजीनियरिंग की पढ़ाई 2019 में पूरी की। इसके बाद तीन महीने तक गुडगांव की एक कंपनी में अच्छे वेतन पैकेज पर नौकरी भी की। लेकिन, उनका मन नौकरी में नहीं लगा। दरअसल, अर्पित के भीतर कुछ और ही चल रहा था। वे कहते हैं, मेरे घर के पास ही प्राथमिक स्कूल है। अक्सर देखता था कि बच्चे स्कूल में पढ़ते नहीं थे। जब भी गरीबों के बच्चों को देखता था तो बेचैन रहता था।
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मेरा मानना है कि सिस्टम को सुधारने और स्कूली शिक्षा को बेहतर बनाने में योगदान करना चाहिए। यही संकल्प लेकर निजी कंपनी की नौकरी छोड़ दी और आईएएस बनने की मुहिम में जुट गया। चार बहनों में सबसे छोटे इकलौते अर्पित गुप्ता ने अपनी सफलता का श्रेय स्वजनों, गुरुजनों व मित्रों को दिया है। अर्पित की तमन्ना यूपी कॉडर में काम करना है। इसके लिए पहला विकल्प भी दिया है। इसके बरद मध्य प्रदेश और हरियाणा का विकल्प दिया है।

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सहजनवां में रहकर की तैयारी
अर्पित ने बताया कि मैंने, खुद के बनाए नोट्स पर भरोसा किया। घर पर रहकर पढ़ाई शुरू की। संघ लोक सेवा आयोग की प्रारंभिक और मेन की परीक्षा दी। दूसरे प्रयास में कामयाब हो गए।

सफलता का मंत्र
अर्पित का कहना है कि आईएएस या फिर आईपीएस की तैयारी करने वाले युवाओं को टॉपरों के वीडियो और साक्षात्कार देखने चाहिए। इससे सीखना चाहिए। इंटरनेट मीडिया पर भी परीक्षा से जुड़ी अधिकांश सामग्री उपलब्ध है। पढ़ाई सात से आठ घंटे ही करते हैं। व्हाट्स एप इस्तेमाल करता था, लेकिन इसका ज्यादातर इस्तेमाल पाठ्यसामग्री मंगाने में होता था। इंस्टाग्राम अकाउंट है, लेकिन बहुत ज्यादा इस्तेमाल नहीं करता। फेसबुक व ट्विटर अकाउंट नहीं बनाया है।

अर्पित गुप्ता, 54वीं रैंक

  • पर्सनल प्रोफाइल
  • नाम : अर्पित गुप्ता।
  • उम्र : 23 वर्ष।
  • निवास : वार्ड नंबर 10, नगर पंचायत सहजनवां।
  • पिता का नाम :  नरेंद्र पाल गुप्ता, रिटायर्ड सीनियर इंस्पेक्टर, पूर्वोत्तर रेलवे।
  • माता : ऊषा देवी, गृहिणी।
  • कक्षा 10 वीं : 10 सीजीपीए, जीएन नेशनल एकेडमी।
  • कक्षा 12 वीं : 95 प्रतिशत, जीएन नेशनल एकेडमी।
  • बीटेक : 10 सीजीपीए, आईआईटी रुड़की।
  • हॉबी : क्रिकेट, बास्केटबॉल खेलना व वेब सीरिज देखना।
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