गोरखपुर में समाजवादी पार्टी की अंतर्कलह जिला पंचायत के चुनाव में खुलकर सामने आ गई है। निवर्तमान जिला पंचायत अध्यक्ष गीतांजलि यादव का टिकट कटा तो परिवार ने बगावती तेवर अपना लिया। निवर्तमान अध्यक्ष ने अपनी चचेरी सास को चुनाव मैदान में उतारा तो सपा के कई दिग्गज उनकी मुखालफत करने क्षेत्र में पहुंच गए। फिर भी कोई फर्क नहीं पड़ा। निवर्तमान अध्यक्ष के परिवार ने एक सीट से तीसरी बार जीत हासिल की है।
सपा नेता मनुरोजन यादव कहते हैं कि निवर्तमान अध्यक्ष का टिकट उन्हीं लोगों के इशारे पर काटा गया था। सपा जिलाध्यक्ष से पूछा था कि जिस टिकट वितरण कमेटी में निवर्तमान अध्यक्ष खुद शामिल हैं उनका टिकट कैसे काट दिया गया। इस पर अध्यक्ष के पास कोई जवाब नहीं था।
सपा नेता मनुरोजन यादव का कहना है कि जब निवर्तमान अध्यक्ष का टिकट काट दिया गया तो मैंने अपनी चाची को लड़ाने का निर्णय लिया। जब नामांकन हो गया और वह चुनाव अभियान में जुट गए तो सपा के कई बड़े नेता विरोध में प्रचार करने पहुंच गए।
एक तरफ कहा गया कि सपा वहां किसी को लड़ा नहीं रही है तो दूसरी तरफ एक प्रत्याशी के प्रचार और उसके कार्यालय के उद्घाटन के लिए कई नेता गए। इसके बावजूद क्षेत्र की जनता ने बताया कि असली सपाई कौन है?