चौरी चौरा में लोगों को संबोधित करते सीएम योगी अदित्यनाथ।
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मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि सन 1857 से लेकर 1947 तक देश के स्वतंत्रता आंदोलन पर शोध को प्रदेश सरकार बढ़ावा देगी। इसकी शुरुआत चौरीचौरा शताब्दी समारोह से की जा रही है।
बृहस्पतिवार को चौरीचौरा स्थित शहीद स्मारक के पास आयोजित चौरीचौरा शताब्दी समारोह के दौरान मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि चौरीचौरा की घटना ने देश की स्वतंत्रता संग्राम को एक नई दिशा दी थी। चार फरवरी 1922 को देश की स्वतंत्रता के लिए पुलिस और स्थानीय जनता के बीच संघर्ष शुरू हुआ जिसमें पुलिस की गोली से तीन स्वतंत्रता संग्राम सेनानी शहीद हो गए थे।
ब्रिटिश हुकूमत ने इस घटना के बाद 228 स्वतंत्रता संग्राम सेनानियों के खिलाफ मुकदमा चलाया था, जिसमें 225 सेनानियों को विभिन्न प्रकार की सजा दी गई थी। इसमें 19 को मृत्युदंड, 14 को आजीवन कारावास, 19 को आठ वर्ष का कारावास, 57 को पांच वर्ष का कारावास, 30 को तीन वर्ष का कारावास और तीन को दो वर्ष कारावास का दंड दिया गया।
यह घटना देश के स्वतंत्रता आंदोलन को एक नई दिशा देने वाली साबित हुई। इस वजह से प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के मार्गदर्शन एवं प्रेरणा और प्रदेश की राज्यपाल आनंदीबेन पटेल की अध्यक्षता में साल भर चलने वाले चौरी चौरा शताब्दी समारोह के आयोजन का निर्णय लिया गया।