उत्तर प्रदेश के गोरखपुर जिले में पिछले जिला पंचायत सदन में जिन सदस्यों की आवाज हमेशा गूंजती रही, आरक्षण बदलने से अबकी बार उनमें से कई लोग चुनाव नही लड़ पाएंगे। कई ऐसे नेता हैं जो जिला पंचायत सदस्य बनने की तैयारी लंबे समय से कर रहे थे। इनको भी आरक्षण ने मायूस किया है।
निवर्तमान जिला पंचायत अध्यक्ष गीतांजली यादव के कार्यकाल में कुछ सदस्य थे, जो हर मुद्दे पर बेबाक टिप्पणी करते थे। इनमें से एक नाम निवर्तमान सदस्य व भाजपा नेता मायाशंकर शुक्ला का है। मायाशंकर इस बार चुनाव नही लड़ पाएंगे। यह सीट ओबीसी के लिए आरक्षित हो गई है।
गगहा ब्लॉक से निवर्तमान जिला पंचायत सदस्य पंकज शाही सपा में हैं। क्षेत्र के विकास या जनहित का मुद्दा हो, सदन में उनकी आवाज हमेशा गूंजती रही है। इस बार पंकज शाही की सीट अनुसूचित वर्ग के लिए आरक्षित हो गई है। लिहाजा, बिना चुनाव लड़े ही पंकज मैदान से बाहर हो गए हैं।
पिपराइच ब्लॉक के जिला पंचायत सदस्य जितेंद्र सिंह सदन में हर मुद्दे पर चर्चा में शामिल रहते हैं। इस बार पिपराइच ब्लॉक का यह वार्ड अनुसूचित जाति के लिए आरक्षित हो गया। ये कुछ उदाहरण भर है। ज्यादातर सदस्यों के वार्ड का आरक्षण बदला है। इस नाते वे भी बिना चुनाव लड़े मैदान से बाहर हो गए हैं।