उत्तर प्रदेश के गोरखपुर जिले की ज्यादातर ग्राम पंचायतों में सामान्य शिक्षा ग्रहण करने वालों की सरकार बनी है। किसी की शिक्षा प्राइमरी है तो किसी ने जूनियर हाईस्कूल कर रखी है। हाईस्कूल और इंटरमीडिएट करने वाले प्रत्याशियों को भी जीत मिली है। अलग-अलग विकास खंडों की ग्राम पंचायतों से चुनाव जीतने वाले तमाम प्रत्याशियों ने खुद को अशिक्षित भी बताया है।
जिले के 20 विकास खंडों की 1294 ग्राम पंचायतों के नतीजे मंगलवार को घोषित कर दिए गए। इसका ब्योरा भी राज्य निर्वाचन आयोग की वेबसाइट पर उपलब्ध करा दिया गया है। आयोग की वेबसाइट पर जो जानकारी दी गई है, उसके मुताबिक ग्राम प्रधानी के चुनाव में शिक्षा का कोई मतलब नहीं है। गांव व समाज में जमीनी पकड़ रखने वालों को जीत मिलती है।
ग्रामीण क्षेत्र में पकड़ रखने व व्यवहारिक ज्ञान वालों को अपना प्रतिनिधित्व देते हैं। ग्रामीणों का कहना है कि कम पढ़े-लिखे समस्या को ज्यादा समझते और उसका समाधान करने का प्रयास करते हैं। इसी का नतीजा है कि अलग-अलग ग्राम पंचायतों से चुनाव जीतने वाले प्रत्याशियों की शिक्षा सामान्य है। अशिक्षित भी चुनाव जीतने में कामयाब हो गए हैं।
केस-1
पाली विकास खंड के गोविंदपुर द्वितीय से 492 मत पाकर ग्राम प्रधान का चुनाव जीती प्रेमसुंदरी की शिक्षा प्राइमरी है। वह अन्य पिछड़ा वर्ग से आती हैं। महिला सीट से चुनाव जीतकर आई हैं। इसी विकास खंड की ग्राम पंचायत सोनवरसा से इंद्रेश चुनाव जीते हैं। 277 वोट पाने वाले इंद्रेश की शिक्षा भी प्राइमरी है।
केस-2
खजनी विकास खंड के छताई से ग्राम प्रधान का चुनाव जीतने वाले गौकरन की शिक्षा जूनियर हाईस्कूल है। वह 643 वोट पाकर प्रधान बने हैं। इसी तरह उरुवा विकास खंड के वारीपुर से चुनाव जीतने वाले बाबूलाल ने भी जूनियर हाईस्कूल तक की शिक्षा ग्रहण की है।
केस-3
जंगलकौड़िया विकास खंड के गौरा खास से प्रधान बनीं अनीता 157 वोट पाकर ग्राम प्रधान बनी हैं। वह अनुसूचित जाति महिला सीट से चुनाव लड़ीं और जीती हैं। अनीता की शिक्षा हाईस्कूल है। इसी विकास खंड के मझिगांवा से सुनीता पांडेय 430 वोट पाकर चुनाव जीती हैं। सुनीता भी हाईस्कूल पास हैं।
केस-4
गोला विकास खंड के रकौली ग्राम सभा से चुनाव जीते जोख की शिक्षा इंटरमीडिएट है। वह 176 वोट पाकर चुनाव जीते हैं। इसी विकास खंड अवरुस गांव से माया ग्राम प्रधान बनी हैं। 204 वोट पाकर चुनावी बाजी मारने वाली माया की शिक्षा भी इंटरमीडिएट है।
केस-5
खजनी विकास खंड के अहमदपुर से चुनाव जीते रामगीना, औराई से चुनाव जीती शशिकला और तुलसीतारन से चुनावी बाजी मारने वाले कृष्ण चन्द ने शिक्षा नहीं ली है। इन सबने खुद को अशिक्षित बताया है।
कुछ प्रधानों की शिक्षा स्नातक, परास्नातक भी
जिले की कुछ ग्राम पंचायतें ऐसी हैं, जहां के नव निर्वाचित प्रधानों की शिक्षा स्नातक, परास्नातक हैं। हालांकि इनकी संख्या बेहद कम है। हर विकास खंड में बमुश्किल 20 से 25 ग्राम प्रधान की शिक्षा ही स्नातक या फिर परास्नातक है।
17 फीसदी वोट पाकर बन गए ग्राम प्रधान
पंचायत चुनाव में उतरे कई प्रत्याशी ऐसे हैं, जो महज 17 फीसदी वोट पाकर ग्राम प्रधान बन गए हैंञ पाली विकास खंड के चौंदवारी ग्राम पंचायत से चुनाव जीते प्रमीत उर्फ परदीत श्रीवास्तव को करीब 17 फीसदी वोट मिले हैं। कुल मतदान का 177 वोट पाकर ही प्रमीत कुर्सी पर काबिज हो गए। इसी तरह उरुवा विकास खंड के कोटवा से चुनावी बाजी मारने वाली कवित को 20 फीसदी वोट ही मिले हैं। पाली विकास खंड के शहरी ग्राम पंचायत से योगेंद्र प्रसाद करीब 21 फीसदी वोट पाकर ग्राम प्रधान बन गए। योगेंद्र को कुल मतदान का 169 वोट मिले हैं।