गंवई राजनीति के जरिए ‘माननीय’ बनने की चाहत में चुनावी दंगल में उतरे दागियों के सिर पर जीत का सेहरा बंध गया है। हिस्ट्रीशीटर या फिर उनके सगे-संबंधी चुनाव जीत गए हैं। हत्या या फिर दूसरे अपराध के आरोप में जेल में बंद कैदी की पत्नियों ने भी चुनावी समर जीत लिया है।
जानकारी के मुताबिक, गोरखपुर जिले में कई सीटों पर छोटे बदमाश मैदान में उतरे तो कई जगहों पर थाने के हिस्ट्रीशीटर ही चुनावी दंगल में थे। हालांकि जो जीत चुके हैं, वे अभी गांव में जाने से बच रहे हैं। गांव पहुंचते ही पुलिस धर दबोचेगी।
गुलरिहा थाने के हिस्ट्रीशीटर रामधनी पासवान की पत्नी मीना देवी भी एकला नंबर दो से ग्राम प्रधान का चुनाव जीत गई हैं। झंगहा थाने के हिस्ट्रीशीटर उदय प्रताप सिंह के बेटे अरविंद भी जंगल गौरी नंबर दो उर्फ अमहिया से ग्राम प्रधानी का चुनाव जीते हैं।