गोरखपुर त्रिस्तरीय पंचायत चुनाव के लिए 15 अप्रैल को होने वाले मतदान के दिन वाहनों के संचालन पर कोई रोक-टोक नहीं होगी। इस संबंध में जिला निर्वाचन अधिकारी की तरफ से निर्देश जारी कर दिए गए हैं। मतदाता या कोई भी आम आदमी बूथों के 200 मीटर पहले तक वाहनों से आ-जा सकेगा।
दिव्यांग व बुजुर्ग वोटर के लिए जिला प्रशासन ने और सहूलियत दी है। ऐसे वोटर बूथ तक अपने वाहनों से जा सकेंगे। दृष्टिबाधित मतदाता, सहायक का सहयोग ले सकेंगे। यह सहायक उनके परिवार का सदस्य हो सकता है। मगर कोई प्रत्याशी या उनका समर्थक बार-बार किसी वाहन से मतदाताओं को ले जाएगा या ले आएगा तो उसके वाहन सीज कर वाहन मालिक पर मुकदमा भी दर्ज कराया जाएगा।
दरअसल, गांवों की बड़ी आबादी शहर में रहती है। ऐसे वोटरों की संख्या लाखों में है। गाड़ियों के संचालन पर सख्ती के भ्रम में बहुत से वोटर, अपने मताधिकार का इस्तेमाल करने घर से ही नहीं निकलते। ऐसे में प्रशासन की तरफ से गाड़ियों के संचालन को लेकर पहले ही तस्वीर साफ कर दिए जाने से मतदान प्रतिशत में इजाफा होने के साथ ही साथ बड़ी संख्या में वोटरों को सहूलियत मिलेगी।
साथ ही आम आदमी को भी मतदान की वजह से कोई दिक्कत नहीं उठानी होगी। वह आसानी से अपने कामों के लिए जिले के भीतर या बाहर आ जा सकेगा। जिला पंचायत सदस्यों को प्रचार के लिए एक वाहन की अनुमति दी गई है। उन्हें 48 घंटे पहले प्रचार बंद करना होगा।
मतदान वाले दिन वाहनों के संचालन पर रोक नहीं है। मतदाता वोट डालने के लिए अपने वाहन से जा सकते हैं बशर्ते उन्हें बूथ के 200 मीटर पहले ही वाहन खड़े करने होंगे। मगर प्रत्याशी या उनके समर्थक बार-बार मतदाताओं को लाएंगे-ले जाएंगे तो उनके खिलाफ कार्रवाई की जाएगी। दिव्यांगजन एवं बुजुर्गों को मतदान स्थल तक वाहन से जाने की छूट होगी।
- के. विजयेंद्र पांडियन, जिला निर्वाचन अधिकारी/डीएम