किसी को अंदाजा नहीं था कि जिसका वे दामाद समझकर आदर-सत्कार कर रहे हैं, वही व्यक्ति उनकी बेटी की हत्या कर यहां आया है। वह अपने ससुराल वालों और ग्रामीणों से पत्नी की तलाश का नाटक करता रहा। उनके सामने पत्नी के चरित्र पर लांछन भी लगाया। बाद में पता चला कि आरोपी ने ही पत्नी की हत्या कर उसके शव को दफना दिया था।
गोरखपुर के बेलघाट थाना क्षेत्र के एक गांव में पांच दिन पहले विवाहिता की हत्या के बाद आरोपी पति अपने ससुराल, गोला क्षेत्र में पहुंच गया था। वारदात से ससुराल वाले अनजान थे और आरोपी दामाद उनके भोलेपन पर तरस खाए बिना खूब खातिरदारी करवाता रहा। उसे अपनी करतूत पर शर्म और पत्नी के मां-बाप पर तरस नहीं आया। किसी को अंदाजा नहीं था कि जिसका वे दामाद समझकर आदर-सत्कार कर रहे हैं, वही व्यक्ति उनकी बेटी की हत्या कर यहां आया है। वह अपने ससुराल वालों और ग्रामीणों से पत्नी की तलाश का नाटक करता रहा। उनके सामने पत्नी के चरित्र पर लांछन भी लगाई।
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पूछताछ में सारी बातें आरोपी पति ने पुलिस के सामने कबूल की हैं। बेलघाट थाना क्षेत्र के गांव में रविवार देर रात कहासुनी के बाद पति ने अपनी 25 वर्षीय पत्नी की सोते समय गला दबाकर हत्या कर दी थी। इसके बाद उसका हाथ-पैर रस्सी से बांधकर घर के पीछे करीब छह फीट गहरा गड्ढा खोदकर दबा दिया। बृहस्पतिवार को पुलिस ने महिला का शव गड्ढे से निकालकर आरोपी पति को गिरफ्तार कर लिया था।
विवाहिता की 13 वर्षीय बहन ने बताया कि मंगलवार को दीदी को खोजते हुए जीजा ससुराल पहुंचे थे। उनको मीठा खिलाकर जलपान कराया और चाय बनाकर पिलाई। विवाहिता की सहेलियों ने भी उसकी आवभगत की। पिता ने भी खूब आदर-सत्कार किया। ग्रामीणों का कहना है कि सभी लोग उसे पत्नी को खोजने आया एक परेशान पति समझ रहे थे।
पत्नी की तलाश का करता रहा नाटक
ससुराल पहुंचने के बाद आरोपी वहां के लोगों से बातचीत में पत्नी के चरित्र पर लांछन लगाते हुए कहता रहा कि उसका चाल-चलन ठीक नहीं है। वह अनजान लोगों से बात करती है और उसका मोबाइल लेकर कहीं चली गई है। हालांकि गांव की महिलाओं ने उसे समझाया कि पत्नी के बारे में इस तरह की बातें नहीं करनी चाहिए। वह कहीं गई होगी तो लौट आएगी। उस समय किसी को भी हत्या की भनक नहीं थी।
मुफलिसी में बीता विवाहिता का जीवन
स्थानीय लोगों के अनुसार, महिला का जीवन शुरू से ही संघर्षों से भरा रहा। शादी से कुछ वर्ष पहले ही उसकी मां की मौत हो गई थी। पिता मजदूरी कर किसी तरह परिवार का पालन-पोषण करते हैं। उन्होंने बेटी की शादी बेलघाट क्षेत्र के युवक से की थी। मृत विवाहिता पांच भाई-बहनों में दूसरे नंबर पर थी। बड़ी बहन की शादी गोंडा जिले में हुई है, जबकि दो भाई गांव के प्राथमिक विद्यालय में पढ़ते हैं। पिता के कमजोर आर्थिक हालात के चलते एक भाई मजदूरी कर छोटे भाई-बहनों का पालन-पोषण कर रहा है।
खिचड़ी लेकर जाने की थी तैयारी
विवाहिता के एक भाई ने बताया कि बृहस्पतिवार को वह मजदूरी कर रहा था, तभी उसकी चाची ने आकर सूचना दी कि उसकी बहन की हत्या की खबर मिल रही है। यह सुनते ही वह काम छोड़कर बेलघाट पहुंचा और थाने में तहरीर दी। भाई ने बताया कि वह बहन के ससुराल खिचड़ी लेकर जाने की तैयारी कर रहा था। यह कहते हुए उसकी आंखें भर आईं।
झगड़ा कर घर छोड़ने की आदत की वजह से ग्रामीणों को नहीं लगी भनक
गोरखपुर पुलिस को पता चला है कि विवाहिता बार-बार पति से झगड़ा कर घर से कहीं चली जाती थी। फिर लौट आती थी। इसी वजह से जब वह रविवार को लापता हुई तो ग्रामीणों को वारदात की भनक नहीं लगी। ग्रामीणों ने पुलिस को बताया कि इस बार भी लगा कि वह कुछ दिन बाद लौट आएगी। बाद में उसकी हत्या की बात सामने आई तो सभी हतप्रभ रह गए।
ग्रामीणों के मुताबिक, महिला और उसके पति ने प्रेम विवाह किया था। शुरुआत में सब कुछ ठीक रहा, लेकिन कुछ समय बाद महिला के चरित्र पर पति शक करने लगा। यही शक धीरे-धीरे रोजमर्रा के झगड़ों में बदल गया। गांव वालों ने बताया कि दोनों के बीच आए दिन विवाद होता था। कई बार झगड़े के बाद महिला मायके या कहीं और रिश्तेदारी में चली जाती थी और कुछ दिनों बाद लौट आती थी।
गांव में अलाव के पास बैठीं गांव महिलाओं ने बताया कि विवाहिता का मोहल्ले की किसी महिला से खास मेल-जोल नहीं था। न वह किसी के यहां उठती-बैठती थी और न ही खुलकर बातचीत करती थी। इसी कारण किसी ने उसके अचानक गायब होने पर सवाल नहीं उठाया। सबने यही मान लिया कि पति से झगड़ा कर कहीं चली गई है।
हत्या के समय मौजूद थे परिवार के सभी लोग
आरोपी युवक पांच भाइयों में सबसे बड़ा है। घर में मौजूद एक भाई ने बताया कि आरोपी भाई करीब 20 दिन पहले लुधियाना से काम करके लौटा था। जबकि वह खुद एक सप्ताह पहले ही वापस आया है। वारदात वाली रात भी पति-पत्नी में झगड़ा हुआ था। इसके बाद भाभी अपने कमरे में सोने चली गई। सुबह आरोपी भाई ने घरवालों से कहा कि वह रात में मोबाइल लेकर कहीं चली गई है। परिवार ने भी इस बात को सच मान लिया, लेकिन चार दिन बाद घर के पीछे बगीचे में ताजा खोदाई दिखी तो परिवार के कुछ लोगों को शक हुआ। यह बात मां तक पहुंची, जिन्होंने उरुवा में काम कर रहे अपने पति को जानकारी दी। इसके बाद थाने में सूचना दी गई, तब जाकर पुलिस हरकत में आई।
सर्दी की रात में सन्नाटे का उठाया फायदा
पड़ोसियों ने बताया कि गांव में किसी को भी हत्या की जानकारी नहीं थी। सर्दी की रात में लोग जल्दी घरों में दुबक जाते हैं। किसी ने न शोर सुना, न किसी तरह की हलचल देखी। सभी यही सोचते रहे कि महिला झगड़ा कर घर छोड़कर चली गई होगी। पुलिस के गांव में पहुंचते ही सच्चाई सामने आई। खोदाई वाले स्थान से शव बरामद होने के बाद पूरे गांव में सन्नाटा पसर गया।