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Sanjay Nishad: विवादित बयान पर मंत्री संजय निषाद बोले- कभी-कभी फिसल जाती है जीभ

Sun, 13 Nov 2022 03:39 PM IST
अनुराग सक्सेना एएनआई, गोरखपुर

सार

संजय निषाद का एक वीडियो वायरल हुआ था। वे बलिया में निषाद समाज के कार्यकर्ताओं को संबोधित करते हुए उन्हें कुत्तों और गधों से सीख लेने की सलाह दे रहे थे। कैबिनेट मंत्री अपने समाज को प्रेरित करने के लिए विवादित बयान बोल गए।
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कैबिनेट मंत्री संजय निषाद - फोटो : अमर उजाला-फाइल फोटो
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विस्तार
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विपक्षी नेताओं द्वारा आलोचना किए जाने के बाद यूपी के कैबिनेट मंत्री और निषाद पार्टी के अध्यक्ष संजय निषाद ने रविवार को अपने विवादित बयान पर माफी मांग ली। उन्होंने पार्टी कार्यकर्ताओं को कुत्तों और गधों से सीखने की सलाह दी थी।

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उन्होंने कहा, ''मेरे शब्दों को गलत तरीके से बताया गया। मैंने कहा था कि जानवर भी अपनी रक्षा के लिए खड़े होते हैं। आप सालों तक कांग्रेस, समाजवादी पार्टी और बसपा को वोट देते रहे। मैंने उन्हें उदाहरण देकर समझाने की कोशिश की। वह शब्द मेरे मुह से गलती से निकल गया था। कभी-कभी जीभ फिसल जाती है। मैं अपने शब्द वापस लेता हूं।''

उन्होंने आगे कहा, ''मेरे बयान का समर्थन करने के लिए मैं अपने समाज का आभार जताता हूं। हमारे अंदर निषाद गुहाराज महाराज का खून है। लेकिन पिछली सरकारों ने इस खून को सुला दिया था।''
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संजय निषाद का एक वीडियो वायरल हुआ था। वे बलिया में निषाद समाज के कार्यकर्ताओं को संबोधित करते हुए उन्हें कुत्तों और गधों से सीख लेने की सलाह दे रहे थे।

वायरल वीडियो में निषाद ने कहा, ''मैं यहां बलिया की जनता के गुस्से का सामना करने आया हूं। बलिया के लोगों को जब गुस्सा आता है तो वे देश में बदलाव लाते हैं। जब बलिया के लोगों को गुस्सा आया तो उन्होंने ब्रिटिश हुकूमत को देश से उखाड़कर फेंक दिया।''

उन्होंने आगे कहा, ''आपने अपने बच्चों के लिए क्या किया? जब कोई कुत्ते के बच्चे को छेड़ता है तो उसकी मां उसे काटकर मांस नोंच लेती है। कुत्ते भी अपने बच्चों से प्यार करते हैं। अगर आप पुलिस थाने जाते हैं तो वहां आपको कभी अपने समाज का कांस्टेबल नहीं मिलेगा। यहां तक कि बीडीओ कार्यालय में चपरासी भी नहीं मिलेगा। डीएम कार्यालय में आपके समाज का क्लर्क नहीं मिलेगा। आप किसी भी विभाग में जाएंगे तो आप खुद को जीरो पाएंगे।''

गधे का उदाहरण देते हुए उन्होंने कहा, ''सबसे मूर्ख समझा जाने वाला यह जीव भी अपने पीछे खड़े व्यक्ति को अपना दुश्मन समझता है और आप भी पिछले 70 सालों से उसी दुश्मन को चुन रहे हैं।''

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