संतकबीरनगर के खलीलाबाद की लवी उर्फ लवली उर्फ सुषमा सिंह को कोतवाली पुलिस ने गिरफ्तार किया था। कप्तानगंज क्षेत्र की एक महिला ने शिकायत की थी कि उसके पति को इसने हनी ट्रैप में फंसाकर 10 लाख रुपये वसूल लिए और 50 लाख रुपये अभी मांग रही है।
बस्ती जिले में सक्रिय अंतरजनपदीय हनी ट्रैप रैकेट के इरादे बेहद शातिराना थे। मास्टरमाइंड लवी उर्फ लवली सिंह के निशाने पर जिले के कई रसूखदार हस्तियां थीं। वह कुछ बड़े व्यापारियों के अलावा रंगीन मिजाज नेताओं और ठेकेदारों का शिकार करना चाहती थी।
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पुलिस की पूछताछ में उसने अपने इरादे जाहिर कर दिए। पुलिस को उसने चार-पांच नाम तक गिनाए, जिनको जाल में फंसाकर करोड़ों का वारा-न्यारा करने का उसका इरादा था।
पुलिस के मुताबिक, उसके परिवार के लोग भी संगठित गिरोह की तरह उसका साथ दे रहे थे, इसलिए उसका हौसला काफी बढ़ा हुआ था। मगर, कप्तानगंज थानाक्षेत्र की एक महिला ने हिम्मत दिखाई और एसपी अभिनंदन ने उसकी बात पर यकीन करके कोतवाली पुलिस को टास्क सौंप दी।
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इससे हनी ट्रैप गिरोह की परत-दर-परत खुलती चली गई। शुक्रवार को मुंडेरवा में रह रही संतकबीरनगर के खलीलाबाद की लवी उर्फ लवली उर्फ सुषमा सिंह को कोतवाली पुलिस ने गिरफ्तार किया था।
कप्तानगंज क्षेत्र की एक महिला ने शिकायत की थी कि उसके पति को इसने हनी ट्रैप में फंसाकर 10 लाख रुपये वसूल लिए और 50 लाख रुपये अभी मांग रही है। पहले तो संकोच में बात दबी रही लेकिन बाद में आजिज आकर वह महिला एसपी के सामने पेश हो गई।
उसकी बातें सुनकर एसपी ने कोतवाली पुलिस को छानबीन का निर्देश दिया। जांच में पता चला कि लवी उर्फ लवली सिंह हनी ट्रैप का रैकेट चलाती है। पुलिस ने मामले की गंभीरता को देखते हुए त्वरित कार्रवाई की और लवी सिंह को गिरफ्तार कर लिया।
उसके पास से डिजिटल साक्ष्य, बैंक लेनदेन के कागजात और वीडियो क्लिप बरामद हुए हैं। पुलिस अधीक्षक अभिनंदन ने बताया कि गिरोह के अन्य सदस्यों की तलाश जारी है और पूरे रैकेट की गतिविधियों की जांच साइबर सेल को सौंप दी गई है।
पूरा कुनबा मिलकर चला रहा था रैकेट
पुलिस के मुताबिक हनी ट्रैप की मास्टरमाइंड लवी का पूरा परिवार गिरोह में शामिल है। ट्रैप करने से लेकर ब्लैक मेलिंग करने में उसकी बहन पूरा साथ देती थी। पिता और मां भी सहयोग करती थी। केस दर्ज कराने वाली महिला के मुताबिक लवी की बहन सन्नो, पिता फूलचन्द्र, इसकी मां एवं अन्य कई लोग शामिल है। पुलिस ने इन सबको केस में नामजद किया है।
महिला का आरोप है कि इसकी बहन भी फोन करके उन्हें धमकाती थी और धन उगाही करती थी। पुलिस को दिए तहरीर में पीड़िता ने एक दंपती का जिक्र किया है। कहा है कि लवी सिंह उसे धमकी देती थी कि जिस तरह उसकी पत्नी को धमकाकर आत्महत्या करने पर मजबूर कर दिया था, वही हाल तुम्हारा भी करूंगी, वरना अपने पति से कहो कि वह मुझे 50 लाख रुपये दे दे।
नजदीकी बढ़ाकर फंसाती थी
लवी सिंह अब तक तीन लोगों को शिकार बना चुकी है। तीनों में बेहद चालाकी से नजदीकी बढ़ाने के बाद उसने कांड किया। जांच कर रहे इंस्पेक्टर दिनेश चौधरी बताते हैं कि उसकी बातचीत में ऐसी मधुरता और आत्मीयता होती थी कि कोई भी व्यक्ति उसके झांसे में आने से खुद को रोक नहीं पाता था। पहले सोशल मीडिया या फोन के जरिए रसूखदार या संपन्न पुरुषों से संपर्क करती थी।
धीरे-धीरे उनसे दोस्ती बढ़ाती और फिर निजी मुलाकात का बहाना बनाकर सुनसान जगह बुलाती थी। वहां गिरोह के अन्य सदस्य पहले से मौजूद रहते थे। मुलाकात के दौरान फोटो या वीडियो बना लेते, फिर उन्हीं तस्वीरों के आधार पर ब्लैकमेलिंग शुरू कर देते थे। आरोपी लाखों रुपये की मांग करते थे। नहीं देने पर महिला उत्पीड़न या दुष्कर्म का झूठा मुकदमा दर्ज कराने की धमकी दी जाती थी।