तत्कालीन डिप्टी एसपी तथा ट्रेनी आईपीएस अधिकारी चारू निगम, जो उस समय सीओ चिलुवाताल थीं, उन्होंने मौके पर पंहुचकर महिलाओं तथा बच्चों के साथ दुर्व्यवहार किया था। इसकी सूचना पाकर नगर विधायक डॉ. राधा मोहन दास अग्रवाल वहां पंहुचे। जिसके बाद चारू निगम से उनकी झड़प हो गई। झड़प का वीडियो वायरल होने के बाद यह मुद्दा पूरे देश में फैल गया था।
विवाद के चलते चारू निगम ने स्थानीय पार्षद राजकुमार यादव सहित 18 लोगों के खिलाफ नामजद तथा 100 अज्ञात लोगों के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर दिया था। इसके विरोध में नगर विधायक टाउनहाल चौराहे पर गांधी जी की मूर्ति के नीचे दिनभर के धरने पर बैठ गए थे।
अब करीब ढाई साल बाद प्रदेश के विधि, न्याय तथा ग्रामीण अभियंत्रण मंत्री ब्रजेश पाठक ने उक्त मुकदमें को वापस लेने का निर्णय लेते हुए जिलाधिकारी गोरखपुर को आवश्यक कार्रवाई के लिए निर्देशित कर दिया है।