विश्वविद्यालय में स्पोर्ट्स हब के लिए यूपी सरकार की हरी झंडी
गोरखपुर। दीनदयाल उपाध्याय गोरखपुर विश्वविद्यालय को पूर्वांचल का स्पोर्ट्स हब बनाने के लिए प्रदेश सरकार की हरी झंडी मिल गई है। विश्वविद्यालय परिसर के अंदर सिंथेटिक एथलीट ट्रैक, स्वीमिंग पुल, हॉकी का एस्ट्रोटर्फ मैदान और अन्य खेलों के लिए बहुउद्देशीय भवन के निर्माण के लिए 32.7 करोड़ के प्रस्ताव को राज्य सरकार ने खेलो इंडिया प्रोजेक्ट के तहत स्वीकृति देते हुए खेल मंत्रालय भारत सरकार को भेज दिया है।
कुलपति प्रो. राजेश सिंह के निर्देश पर विश्वविद्यालय में 22 एकड़ जमीन पर इन योजनाओं का प्रस्ताव क्रीड़ा परिषद के अध्यक्ष प्रोफेसर अजय कुमार शुक्ला ने तैयार किया है। इसमें खेल विशेषज्ञों की भी मदद ली गई है। इस प्रस्ताव को कुलपति ने राज्य सरकार के पास भेजा था, जिसे अब स्वीकृति दे दी गई है। इसे लेकर लखनऊ में 26 अक्तूबर को प्रमुख सचिव कल्पना अवस्थी की अध्यक्षता में खेल विशेषज्ञों की बैठक हुई थी, जिसमें गोरखपुर विश्वविद्यालय के प्रस्ताव पर चर्चा की गई।
इस विश्वविद्यालय को खेल केंद्र के रूप में विकसित करने के लिए इसे अनिवार्य बताया गया। जिसके बाद अब प्रस्ताव को स्वीकृति देते हुए खेल मंत्रालय भारत सरकार को भेजा गया है। विश्वविद्यालय में इन खेलों के शुरू होने से खिलाड़ियों को फायदा होगा। राष्ट्रीय एवं अंतरराष्ट्रीय स्तर पर प्रतियोगिताएं आयोजित कराई जाएंगी।
विश्वविद्यालय में खेल को बढ़ावा देेने के मकसद से चार खेलों के लिए प्रोजेक्ट तैयार किया गया है। 32.7 करोड़ के इस प्रस्ताव को राज्य सरकार के पास भेजा गया था। राज्य सरकार की ओर से खेलो इंडिया के तहत खेल मंत्रालय, भारत सरकार को इसे भेजा गया है। पूरी उम्मीद है कि खेल मंत्रालय से बजट मिल जाएगा। इन योजनाओं से पूर्वांचल में खेल को बढ़ावा मिलेगा।
प्रो. राजेश सिंह, कुलपति, गोरखपुर विश्वविद्यालय