गोरखपुर नगर विधायक आरएमडी अग्रवाल। (फाइल)।
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उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव की घोषणा के बाद सभी पार्टियां अपने-अपने उम्मीदवारों की घोषणा कर रही हैं। शनिवार को भाजपा ने अपने 107 उम्मीदवारों की सूची जारी कर दी है। ऐसे में उन्होंने सीएम योगी आदित्यनाथ को गोरखपुर शहर से भाजपा उम्मीदवार घोषित किया गया है। इससे वर्तमान भाजपा विधायक डॉ राधामोहन दास अग्रवाल का टिकट कट गया है।
विधायक डॉ राधामोहन दास अग्रवाल सोशल मीडिया पर खुलकर अपने विचार रखते हैं। कई बार तो उन्होंने अपनी ही सरकार के खिलाफ मोर्चा खोल दिया है। आज हम आपको डॉ. आरएमडी के राजनीतिक सफर शुरू कैसे हुई, उसके बारे में बताने जा रहे हैं।
वर्ष 2002 में तत्कालीन सांसद योगी आदित्यनाथ ने शिव प्रताप शुक्ला के मुकाबले डॉ. राधा मोहन दास अग्रवाल को हिंदू महासभा के बैनर तले मैदान में उतार दिया था। उस वक्त डॉ. अग्रवाल को कोई जानता भी नहीं था।
इसके बावजूद योगी के सघन अभियान का परिणाम यह निकला कि डॉ. राधा मोहन दास अग्रवाल ने कैबिनेट मंत्री शिव प्रताप शुक्ला को 20 हजार से अधिक मतों से हराकर पूरे प्रदेश में सनसनी फैला दी। इसका पूरा श्रेय उन्होंने तत्कालीन सांसद योगी आदित्यनाथ को दिया था।
बता दें कि नगर विधायक डॉ आरएमडी तमाम मुद्दों पर सोशल मीडिया पर खुली राय रखते हैं। कई बार संगठन व सरकार की लाइन से हटकर पोस्ट लिखते हैं।