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गोरखपुर की हर खबर अब अमर उजाला डिजिटल पर, सीएम योगी ने किया लोकार्पण

Sat, 18 Jan 2020 09:25 PM IST
पूजा त्रिपाठी ब्यूरो, अमर उजाला, गोरखपुर

सार

  • अब गोरखपुर की हर खबर किसी भी वक्त डिजिटल प्लेटफॉर्म Gorakhpur.AmarUjala.com पर पढ़ी जा सकती है
  • आप खबरों को सुन भी सकते हैं और खबरों के वीडियो भी देख सकते हैं 
  • अमर उजाला गोरखपुर के डिजिटल संस्करण का मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने किया लोकार्पण 
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अमर उजाला के कार्यक्रम में सीएम योगी। - फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
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अमर उजाला हमेशा से अपने पाठकों के लिए नवाचार करता आया है। इसी उद्देश्य को एक कदम आगे बढ़ाते हुए अमर उजाला बाबा गोरखनाथ की नगरी और मुंशी प्रेमचंद की कर्मभूमि रहे इस शहर की खबरों को डिजिटल प्लेटफॉर्म पर प्रस्तुत कर रहा है। अब गोरखपुर की हर खबर किसी भी वक्त डिजिटल प्लेटफॉर्म Gorakhpur.AmarUjala.com पर पढ़ी जा सकती है। इतना ही नहीं, आप खबरों को सुन भी सकते हैं और खबरों के वीडियो भी देख सकते हैं। अमर उजाला गोरखपुर के डिजिटल संस्करण की पहल को मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने भी सराहा है और आज खुद गोरखपुर में अमर उजाला ऑफिस पहुंचकर इसका लोकार्पण किया। 

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सीएम योगी आदित्यनाथ अमर उजाला कार्यालय पहुंचे। मुख्यमंत्री का स्वागत किया गया और इसके साथ ही कार्यक्रम की शुरुआत हो गई है। अमर उजाला परिवार की ओर से सीएम को सम्मानित किया गया।इस दौरान अमर उजाला डॉट कॉम के संपादक जयदीप कर्णिक ने कहा- अमर उजाला डॉट कॉम को करीब पांच करोड़ पाठक हर महीने पढ़ते हैं, कुल 16 करोड़ पेज ब्राउज होते हैं, पाठक हमारी वेबसाइट पर सबसे ज्यादा समय व्यतीत करता है। इसका सबसे बड़ा कारण है कि पाठकों को स्थानीय महत्व की खबरें पहुंचाना। 
 

 
यहां पहुंचकर सीएम योगी ने Gorakhpur.amarujala.com का लोकर्पण किया। इसके बाद सीएम योगी से सवाल-जवाब का दौर शुरू हुआ। www.amarujala.com के संपादक जयदीप कर्णिक ने फेसबुक पर आए लोगों के सवाल सीएम योगी के सामने रखे जिसका उन्होंने सिलसिलेवार जवाब दिया। 

 

सवाल: सरकार डिजिटल इंडिया को कैसे बुलंद करेगी और पिछले ढाई सालों में क्या कदम उठाए गए? 

सीएम योगी: मैं मानता हूं कि पूरी व्यवस्था पेपरलैस होगी, डिजिटलीकरण होगा। ढाई वर्ष के दौरान यूपी में इस दिशा में बेहतरीन कदम उठाए गए। सबसे पहली शुरुआत ई ऑफिस से हुई। हमारे लेखपाल के पास भी स्मार्टफोन है। हमने उसे आई पैड उपलब्ध कराए हैं, प्रक्रिया के साथ जोड़ा है। आंगनबाड़ी वर्कर को भी स्मार्टफोन दिए हैं। शासन के सभी ऑफिस को ई ऑफिस से जोड़ा है। 
हम पूरी व्यवस्था को एक जगह से मॉनिटर कर सकते हैं। दूसरा किसानों को डीबीटी के माध्यम से सब्सिडी का भुगतान हो रहा है। ये सुविधा नहीं होती तो किसानों का कर्ज माफ नहीं कर पाते। यूपी देश का पहला राज्य है जिसने अपने घोषणापत्र में कर्जमाफी का वायदा किया था और उसे पूरा किया। हम इसलिए सफल रहे क्योंकि तकनीक का उपयोग किया। हमने आधार से सबको जोड़ा। 

डिजिटल नीति राज्य में कब लागू होगी?

सीएम योगी ने कहा, इस पर नीति बन चुकी है, जल्द लागू होगी। पोर्टल भी बना है शासन की हर गतिविधी को जान सकते हैं। खबरों की गुणवत्ता को, जिसके लिए अमर उजाला जाना जाता है बनाए रखें। आज का युवा नकारात्मकता को स्वीकार नहीं करता है। समाज के लिए पॉजिटिव बनना होगा। पॉजिटिव न्यूज देंगे तो बहुत लोगों के जीवन में परिवर्तन ला सकता है। नेगेटिव न्यूज बहुत लोगों के जीवन में निराशा ला सकता है। 
 

सवाल: उत्तर प्रदेश की कानून व्यवस्था के संबंध में आपका क्या कहना है और क्या नोएडा-लखनऊ में कमिश्नर प्रणाली लागू करने से यहां बदलाव आएगा? 

सीएम योगी: पुलिस सुधार की प्रक्रिया से जोड़ने के लिए राजनीतिक इच्छाशक्ति की जरूरत थी, हम में थी और हमने किया। कई सालों से ये मांग थी, कोई नहीं कर पाया। 30 सालों में यूपी की कानून व्यवस्था ससबसे बेहतरीन है। ढाई सालों के दौरान कोई दंगा नहीं हुआ। अपहरण जैसी वारदातें पूरी तरह खत्म हो गईं। हमारा कोई भी व्यापारी अब गुंडा टैक्स नहीं देता है। राज्य रोल मॉडल के तौर पर स्थापित हुआ है। और सुधार की गुंजाइश है। इसीलिए लखनऊ और नोएडा में कमिश्नर प्रणाली लागू की है। मुझे लगता है कि बेहतरीन परिणाम सामने आएंगे। 6 महीने बाद समीक्षा करेंगे और मैं जनता से पूछूंगा कि ये कैसा रहा। उसके बाद आगे का फैसला होगा। 
यूपी पहला राज्य है कि अगर कोई जवान शहीद होता है तो हमने राज्य का मुआवजा का हिस्सा दोगुना किया। उसके परिवार के एक सदस्य को यूपी शासन में नौकरी देने की व्यवस्था की है। शहीद परिवार के गांव का नाम, तोरण द्वार उसने नाम पर होगा। अगर पुलिस का जवान ड्यूटी के दौरान किसी घटना का शिकार होता है, शहीद होता है तो उसके परिवार को दी जाने वाली सहायता राशि कई गुना बढ़ाई है। अगर वह बुरी तरह घायल हुआ है या कोमा में गया है तो उसके परिवार को आजीवन पेंशन देने का फैसला हुआ है। 
85 हजार पुलिस की भर्ती कर दी गई है और हमारे पास कुछ भी लंबित नहीं है। इसी को ध्यान में रखते हुए प्रशिक्षण क्षमता को दोगुना कर दिया गया है। अन्य राज्यों के ट्रेनिंग सेंटर हमने लिए और हमने अपने यहां से युवाओं को वहां भेजा। 
 

सवाल- योगी जी आप संत भी हैं और नेता भी, तारतम्य कैसे बैठाते हैं?

सीएम योगी:
धर्म के क्षेत्र में रुढ़िवादिता आएगी, उसे तोड़ने के लिए राजनीति का लेवल लगना जरूरी है। लेकिन वो मूल्यों पर आधारित होनी चाहिए। उत्तर प्रदेश में तमाम चुनौतियों से निपटने में सफल रहे। क्योंकि हम अच्छी चीजें जोड़कर आगे बढ़ रहे हैं। हमने रोजगार पर भी आगे कदम पढ़ाए हैं। 20 लाख लोगों को रोजगार मिला है। प्रदेश में डिफेंस एक्स्पो होने जा रहा है। करोड़ों का निवेश होगा। केंद्र की सभी योजनाओं से सबको जोड़ा। यूपी ने अपने निर्यात को 28 फीसदी तक बढ़ाया है। 4 हजार करोड़ रुपये के कार्पेट का निर्यात हो रहा है। दो हजार टन आम का निर्यात किया गया है। आज लोग कह रहे हैं कि आर्थिक मंदी है, बावजूद यूपी ने वित्तीय अनुशासन को बनाए रखा है। 
 

सवाल: सारी कानूनी बाधाएं पूरी हो चुकी हैं अब राममंदिर निर्माण में कितनी देरी है?

सीएम योगी: केंद्र सरकार को ट्र्स्ट का गठन करना है, समयबद्ध तरीके से आगे बढ़ रहा है, लोगों ने 400-500 साल इंतजार किया है। कुछ महीने और इंतजार करें।  

सवाल- सीएए-एनआरसी विरोध पर सीएम क्या सोचते हैं? 

सीएम योगी: इसमें दो चीजें साफ करनी होगी एक शरणार्थी, दूसरा घुसपैठ। शरणार्थी मजबूर होकर देश छोड़ता है। नागरिकता कानून नागरिकता देने का कानून है लेने का नहीं। ये किसी मजहब का कानून नहीं है। एक भारत श्रेष्ठ भारत का सपना देश ने देखा है। कांग्रेस भीमराव अंबेडकर के आदर्शों पर वोट तो पाती रही, लेकिन पालन नहीं किया। उसने धारा 370 हटाने का भी विरोध किया है। 
राम जन्मभूमि मामले में भी ऐसा हुआ। कपिल सिब्बल ने सुप्रीम कोर्ट में अर्जी लगाई थी कि रोजाना सुनवाई नहीं होनी चाहिए। क्यों, भारत की न्यायपालिका स्वतंत्र है, क्यों इस तरह की अर्जी से उसके काम में बाधा डाल रहे हैं। सुप्रीम कोर्ट के फैसले से दूध का दूध और पानी का पानी हो गया है। 400-500 साल से रुका मामला सुलझ गया है। लोग कहते थे यूपी में खून की नदियां बह जाएंगी, वैसा कुछ नहीं हुआ। तीन तलाक का भी कांग्रेस ने विरोध किया। मुझे कांग्रेस की सोच पर अफसोस होता है, ये हिंदू विरोधी है, सिख विरोधी है, दलित विरोधी है, पारसी विरोधी है, लेकिन अब साफ हुआ कि ये ईसाई विरोधी भी है। पाकिस्तान, बांग्लादेश, अफगानिस्तान से आए पीड़ित अल्पसंख्यकों को नागरिकता दी जाएगी जिसमें ईसाई भी शामिल हैं। लेकिन कांग्रेस विरोध कर रही है। 

सवाल: संघ ने दो बच्चों की नीति को लेकर बयान दिया है, इस पर आपके क्या विचार हैं? 

सीएम योगी:
पारिवारिक व्यवस्था संतुलित होनी चाहिए। सभी लोग इसे मान लेंगे तो परिवार के मुखिया के लिए परिवार पालने में आसानी होगी। इस प्रक्रिया को हमने आगे बढ़ाया है। किसी तरह का कानून बनाने की जरूरत होगी तो सरकार आगे बढ़ेगी। 

सवाल: गोरखपुर की बड़हल सड़क कब बनेगी? 

सीएम योगी: ये सड़क एनएच 29 का हिस्सा है। हमने दबाव बनाया है। मैंने नेशनल हाईवे प्राधिकरण को इस बारे में लिखा है। इसपर कार्य शुरू तो हुआ है, तेज करने के लिए भी हमने कहा है। 

सवाल: सरकारी स्कूलों की स्थिति कब बेहतर होगी? क्या दिल्ली जैसे स्कूलों के प्रयास यहां पर भी होंगे? 

सीएम योगी: यहां आने से पहले दो सरकारी स्कूलों का लोकार्पण करके आया हूं। वहां पर सिलेबस को डिजिटल सिलेबस से जोड़कर आ रहे हैं। यूपी में एक लाख 58 हजार सरकारी स्कूल हैं, हम जब आए थे इनकी हालत दयनीय थी। बच्चों की उपस्थिति 60 फीसदी थी। शिक्षक स्कूल नहीं जा पाता था। दो साल पहले ऑपरेशन कायाकल्प चलाया। हमने अधिकारियों से स्कूलों को गोद लेने को कहा। हमने स्कूलों के सिलेबस एनसीईआरटी से बदले। 
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सवाल: वायु प्रदूषण को लेकर आप क्या कदम उठा रहे हैं, यह एक बहुत बड़ी समस्या बनती जा रही है? 

सीएम योगी: लोगों को सिर्फ सरकार के भरोसे नहीं रहना होगा। समाज को देश को जागरूक होना पड़ेगा। हमने किसनों से कहा कि पराली न जलाएं, इसके लिए आईओएल, हिंदुस्तान पेट्रोलियम के साथ मिलकर कार्यक्रम चलाया। हमने कहा कि किसान जिस पराली को अनुपयोगी मानता है सेंटर में दे दें, दाम भी मिलेगा, जमीन की उर्वरता भी रहेगी, पर्यावरण की रक्षा भी होगी। इस संबंध में सीतापुर में काफी काम हुआ है, गोरखपुर में हो रहा है। किसान सम्मान निधि इसी से जोड़ी गई है, मनरेगा को इससे जोड़ने की कवायद चल रही है। किसान पराली न जलाएं, निराश्रित आश्रय स्थलों में भेज दें, सरकार दाम उपलब्ध कराएगी। 

 
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