गोरखपुर जिले के 17 विद्यालय ऐसे हैं जो यूपी बोर्ड की परीक्षा के लिए केंद्र बनाने से इनकार कर रहे हैं। 223 विद्यालयों ने विभिन्न कारणों का हवाला देते हुए डीआईओएस कार्यालय में लिखित शिकायत दर्ज कराई है। ऐसे विद्यालयों के प्रबंधतंत्र का मानना है कि बोर्ड के मानक के हिसाब से उनके यहां संसाधन पूरे नहीं हैं। लिहाजा विद्यार्थियों को परीक्षा देने में परेशानी होगी।
दसवीं और बारहवीं की परीक्षा के लिए जिले में प्रस्तावित 210 केंद्रों की अनंतिम सूची के सापेक्ष 223 विद्यालयों ने कार्यालय में लिखित शिकायत दर्ज कराई है। 17 ऐसे विद्यालय हैं जिन्होंने परीक्षा कराने से ही हाथ खड़े कर दिए हैं। इन विद्यालयों में सीसीटीवी कैमरा, कमरे, डेस्क-बेंच जैसी बुनियादी सुविधाएं तक नहीं हैं। कुछ ऐसे हैं जो आवासीय या दिव्यांगों के लिए विद्यालय संचालित करते हैं। जिला समिति ने भी इन्हें अपने प्रस्तावित केंद्रों की सूची से बाहर रखा था। लेकिन बोर्ड की चूक से इन्हें भी प्रस्तावित केंद्रों की सूची में शुमार किया गया है।
उत्तर प्रदेश माध्यमिक शिक्षा परिषद की ओर से जिले के परीक्षा केंद्रों की अनंतिम सूची दो दिन पूर्व ही जारी कर दी गई है। परीक्षा के लिए 210 केंद्र प्रस्तावित किए गए हैं। 13 नए विद्यालयों को केंद्र बनाया गया है। पिछले साल केंद्र की सूची में शामिल 29 विद्यालयों को इसबार बाहर कर दिया गया है। केंद्रों की सूची जारी करने के साथ ही बोर्ड ने सभी विद्यालयों को डीआईओएस कार्यालय में आपत्ति दर्ज कराने के लिए मौका दिया था।