गोरखपुर। गोरखपुर विश्वविद्यालय के दीक्षांत समारोह से पहले शोधार्थियों के विरोध ने नया विवाद खड़ा कर दिया है। उनका कहना है कि विश्वविद्यालय प्रशासन ने पीएचडी स्कॉलर्स को दीक्षांत समारोह की आमंत्रण सूची से बाहर रखकर वर्षों पुरानी परंपरा तोड़ दी है।
उनका कहना है कि पीएचडी विश्वविद्यालय की सर्वोच्च शैक्षणिक उपाधि है और इसे प्राप्त करने वाले शोधार्थियों को समारोह से दूर रखना उनके सम्मान और आत्मगौरव को ठेस पहुंचाने जैसा है। कुलपति कार्यालय पर प्रदर्शन करने के बाद योगेश प्रताप सिंह ने कहा कि विश्वविद्यालय प्रशासन इस निर्णय पर पुनर्विचार करते हुए सभी शोधार्थियों को दीक्षांत समारोह में शामिल करे।
इस मामले में विश्वविद्यालय प्रशासन का कहना है कि दीक्षा भवन में सीटों की संख्या सीमित है। इसलिए जल्द ही भव्य आयोजन कर पीएचडी स्कॉलर्स को उपाधि प्रदान की जाएगी।