वित्त मंत्री ने बजट में सबका साथ सबका विकास और सबका विश्वास के तहत आयुष्मान भारत समेत कई योजनाओं से आम लोगों को जोड़ा है। शहरी हो या ग्रामीण, सभी इलाकों में बीमारी की बड़ी वजह गंदगी, दूषित पेयजल एक बड़ी समस्या है। सरकार ने इन सभी क्षेत्रों में सुधार लाने की योजना बनाई है। नए बजट के तहत मेडिकल कॉलेज में छात्रों की बढ़ोतरी के अलावा चिकित्सकों की कमी भी दूर करने का प्रयास किया गया है।
डॉ अनुराग सिंह, न्यूरो सर्जन
गरीबों के लिए लाभकारी बजट
बजट से गरीबों को बेहद लाभ मिलेगा। इसमें सरकारी डॉक्टरों को भी सेवा में विस्तार की दिशा में काम किया गया है। जिला अस्पतालों को मेडिकल कॉलेज बनाने का प्रस्ताव सरकार ने बनाया है। इसके बन जाने से सरकारी डॉक्टरों की डिमांड बढ़ जाएगी। गरीबों को बेहतर इलाज के लिए बेहद कारगर पहल है। इसके अलावा हर जिले में आयुष्मान अस्पतालों के निर्माण, 2025 तक टीबी मुक्त भारत सरकार की प्राथमिकता में है। बजट से गरीब लोगों के स्वास्थ्य में सुधार और उन्हें बेहतर चिकित्सकीय सेवाएं मिलने की उम्मीद है।
डॉ एपी गुप्ता अध्यक्ष, आईएमए
बजट से सरकारी व्यवस्था में होगा सुधार
वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने इस बार के बजट में सरकारी अस्पतालों की स्थिति में सुधार के लिए बड़ी योजनाएं बनाई हैं। इस व्यवस्था के तहत प्रधानमंत्री जन आरोग्य सेवा केंद्र पर अब दवाओं के साथ सर्जिकल उपकरण भी मिलेंगे। गंभीर मरीजों के लोग अब सर्जिकल के उपकरण भी आसानी से सस्ते दर में खरीद सकेंगे। अभी तक केंद्रों में दवाएं तो सस्ती दर पर मिलती थी लेकिन सर्जिकल उपकरण नहीं मिलने से गरीबों को मजबूरी में महंगा इलाज कराना पड़ता था।
डॉ राजेश गुप्ता, सचिव, आईएमए
इस बजट में लगभग समाज के सभी वर्गों का ध्यान दिया गया है। किसानों को बहुत प्राथमिकता दी गई है। छात्रों, व्यापारियों, नौजवानों, किसानों पर बहुत ध्यान दिया गया है। स्वास्थ्य पर बहुत ज्यादा ध्यान नहीं दिया गया है। कुुल मिलाकर देश के विकास में बहुत ही फायदेमंद तथा अर्थव्यवस्था को सुधारने वाला बजट है।
डॉ एसएस शाही, निदेशक, शाही ग्लोबल अस्पताल
बजट से मोबाइल व्यापार में होगा इजाफा
वित्त मंत्री ने आम आदमी का बजट पेश किया है। धीरे-धीरे लोग इस बजट को लेकर पूरी तरह साफ हो जाएंगे। इसके टैक्स में भारी छूट से महिलाओं और किसानों को फायदा मिलेगा। आम बजट में मोबाइल फोन को भारत में बनाने के लिए नई योजना भी तैयार की गई है। डिजिटल इंडिया को देखते हुए सभी हाथों में अधिक से अधिक मोबाइल पहुंच सके, सरकार भी इसके लिए सोच रही है।
मनीष नांगलिया, हर्ष इंटरप्राइजेज, बलदेव प्लाजा
जीसएटी से राहत मिलता तो ठीक था
वस्तु एवं सेवा कर ( जीएसटी) में कोई बदलाव नहीं हुआ है। इससे आम लोगों को बड़ी स्क्रीन के टेलीविजन, एयर कंडीशनर (एसी) और फ्रिज पर अगर जीएसटी में राहत मिलती तो लोगों का रूझान इसकी तरफ और होता। खैर, देखा जाए तो बजट ठीक भी है। व्यापार के साथ लोगों को बाजार में पैसा घुमाने को आसान तरीका बजट ने बताया है। उम्मीद है आने वाले समय में इसका असर लोगों पर दिखेगा।
अनिल सराफ , श्री श्याम इंटरप्राइजेज, बलदेव प्लाजा
बजट आम लोगों के हिसाब से
बजट के माध्यम से व्यक्तिगत आयकर की दरों को घटाने की जरूरत थी। इससे लोगों के हाथ में ज्यादा पैसा आता और वे लोग इसी पैसे को बाजार में खर्च करते। वैसे बजट लोगों की सहूलियत के हिसाब से ठीक है। घरेलू विनिर्माण को बढ़ाने और इलेक्ट्रॉनिक विनिर्माण में निवेश को बढ़ाने की जरूरत है। बजट से एक बात साफ है कि भविष्य में इलेक्ट्रिक उपकरणों को बनाने के लिए विशेष सहयोग दिया जाएगा।
राजेश गुप्ता, विशाल संगम, बैंक रोड