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आम बजट: रियल इस्टेट कारोबारी बोले- अभी संघर्ष के दौर से गुजरेगी रियल इस्टेट इंडस्ट्री

Sat, 01 Feb 2020 08:38 PM IST
विजय जैन डिजिटल न्यूज डेस्क, गोरखपुर
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Union Budget 2020: वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण - फोटो : LokSabha
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आर्थिक सुस्ती के बीच रियल इस्टेट सेक्टर को वित्तीय संकट से उबारने और मांग बढ़ाने के उपायों के लिहाज से 2019 में कुछ प्रयास तो जरूर हुए मगर बिक्री बढ़ाने के स्तर पर उसका बहुत असर नहीं दिखा।  बजट 2020 से रियल इस्टेट कारोबारियों ने बहुत उम्मीदें बांध रखी थी मगर शहर के बिल्डरों, कॉलोनाइजर्स की मानें तो वे नाखुश हैं। उनका कहना है कि उन्हें पूरा भरोसा था कि सुस्त पड़ी इस सबसे बड़ी इंडस्ट्री में बूम लाने के लिए इस बजट में कई प्रयास किए जाएंगे मगर ऐसा कुछ हुआ नहीं। इसका सीधा असर बजट पेश होने के साथ ही लुढ़के सेंसेक्स के आंकड़े को देख कर लगाया जा सकता है। वहीं टैक्स के नए स्लैब से मध्यम वर्गीय परिवार को राहत मिलने से कुछ बिल्डर्स को अभी भी उमीद है।  
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इंडस्ट्री का संघर्ष जारी रहेगा
रियल इस्टेट इंडस्ट्री से प्रत्यक्ष और अप्रत्यक्ष रुप से बहुत से सेक्टर प्रभावित होते हैं। जिस तरह की सुस्ती के दौर से यह इंडस्ट्री चल रही थी, सभी को इस बजट से बहुत उम्मीदें थीं। मगर मध्यम परिवार को होम लोन पर ब्याज की दर कम होने से होने वाले एक लाभ को छोड़ दें तो ओवरआल इंडस्ट्री नाखुश है। इंडस्ट्री का संघर्ष अभी जारी रहेगा।
- विकास केजरीवाल, निदेशक
 
 

दावा पूरा हो तो सूरत बदल जाए

रियल इस्टेट सेक्टर को लेकर बजट में बहुत स्पष्ट तो अभी कुछ समझ में नहीं आ रहा। बजट में इंफ्रास्ट्रक्चर पर 100 लाख करोड़ खर्च करने का दावा किया गया है। वास्तव में अगर यह पूरा हो जाए तो सूरत ही बदल जाएगी। लंबे समय से रियल इस्टेट का सेक्टर मंदी से गुजर रहा है। कई बड़े प्रोजेक्ट लटके पड़े हैं। बिल्डर और ग्राहक दोनों परेशान हैं।- शोभित मोहन दास अग्रवाल, बिल्डर

लटकी योजनाओं पर भी मेहरबानी नहीं
रियल इस्टेट के कारोबार का एक बहुत बड़ा सेक्टर है जहां लंबे समय से अंधेरा छाया है। तमाम बड़े प्रोजेक्ट फंसे पड़े हैं। बिल्डर और ग्राहक दोनों की पूंजी फंसी है। बजट से इस सेक्टर में बूम आने की बहुत उम्मीद थी मगर ऐसा कुछ हुआ नहीं। पूरे सेक्टर में निराशा है। लटके पड़े प्रोजेक्ट को भी पूरा करने के लिए बजट में कोई प्रावधान नहीं किया गया।
- कमल मंझानी, बिल्डर
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टैक्स में छूट से जगी उम्मीद की रोशनी

रियल इस्टेट के कारोबार में सुस्ती चल रही थी। ऐसे में बजट में टैक्स की एक नई वैकल्पिक व्यवस्था से मध्यम वर्गीय परिवार को काफी राहत मिलेगी। उनके रुपये बचेंगे तो निश्चित ही वह बाजार के अन्य सेक्टरों के साथ ही रियल इस्टेट सेक्टर में भी कदम बढ़ाऐंगे। मध्यम वर्गीय परिवार के लिए घर, जरूरत के साथ ही निवेश का भी अच्छा माध्यम है।
- अभिषेक अग्रवाल, डायरेक्टर 
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