प्रयागराज हत्याकांड से चर्चा में आया गुड्डू, कभी गोरखपुर निवासी आतंकी दिलशाद मिर्जा बेग का गुर्गा था। गोरखपुर के कोतवाली इलाके में इसी आतंकी के रिश्तेदार सहदाब की मदद से किराये के मकान में रहता था। इस गिरोह में मेनका टॉकिज (वर्तमान में एडी मॉल) बम ब्लास्ट का आरोपी परवेज टांडा भी शामिल था।
परवेज की मौत के बाद गुड्डू ने गोरखपुर छोड़कर अतीक गिरोह का दामन थाम लिया था। सेवानिवृत्त सीओ शिवपूजन यादव बताते हैं कि दिलशाद बेग आईएसआई के संपर्क में आने के बाद गोरखपुर छोड़कर नेपाल में बस गया था। उसने वहां पर भी अपराध शुरू कर दिया था।
गोरखपुर से चोरी की गाड़ियों को नेपाल में खपाने और यहां से भागे बदमाशों को शरण दिलाने का काम वही करता था। वर्ष 1990 से 2000 की दशक तक इन सबका दबदबा रहा। दिलशाद की मौत के बाद परवेज ने भी नेपाल में ठिकाना बना लिया। उन्होंने बताया कि परवेज की मौत के बाद गुड्डू, गोरखपुर और आसपास अपराध करना छोड़कर अतीक अहमद की गिरोह में शामिल हो गया।
मेनका टॉकिज में परवेज ने कराया था ब्लास्ट, गुड्डू का आया था नाम
गोरखपुर में 90 के दशक में विजय चौक स्थित मेनका टॉकिज में कुख्यात बदमाश परवेज टाडा ने बम ब्लास्ट कराया था। उस वक्त परवेज टांडा का आतंक चरम पर था और गुड्डू उसका सबसे करीबी था। बताया जाता है कि इस घटना में भी परवेज के लिए बम गुड्डू मुस्लिम ने ही मुहैया कराया था। यही नहीं, गुड्डू मुस्लिम ने परवेज के इशारे पर गोरखपुर और आसपास के इलाकों में कई घटनाओं को अंजाम दिया था।