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दंपती की मेहनत लाई रंग, सील हुए तीन डायग्नोस्टिक सेंटर की अल्ट्रासाउंड मशीनें

Fri, 01 Jan 2021 02:54 PM IST
vivek shukla अमर उजाला ब्यूरो, गोरखपुर।
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धरने पर बैठा दंपती। - फोटो : अमर उजाला।
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नवजात के जन्म पूर्व गलत रिपोर्ट देने वाले तीन डायग्नोस्टिक सेंटर के खिलाफ  बृहस्पतिवार को कार्रवाई की गई। डीएम के निर्देश पर स्वास्थ्य विभाग व प्रशासन के अधिकारियों ने बेतियाहाता स्थित स्पर्श इमेजिंग एंड डायग्नोस्टिक सेंटर, छापड़िया हॉस्पिटल एवं प्रज्ञा अस्पताल की अल्ट्रासाउंड मशीन सील कर दी।

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जानकारी के मुताबिक, पिपरौली के देईपार निवासी अभिषेक पांडेय ने अपनी गर्भवती पत्नी की चार अल्ट्रासाउंड सेंटर पर जांच कराई थी। गर्भस्थ शिशु के बारे में हर जगह से रिपोर्ट सामान्य आई थी, लेकिन जब बच्चा पैदा हुआ तो उसके अंग विकसित नहीं थे। उसका एक हाथ नहीं है और सिर भी असामान्य है।

अभिषेक की शिकायत पर सीएमओ डॉ. श्रीकांत तिवारी ने जांच के लिए एक मेडिकल बोर्ड गठित कर दी थी। बोर्ड ने चार डॉक्टरों को दोषी माना है। उनके खिलाफ एफआईआर भी दर्ज कराई जा चुकी है। इसके बाद सहजनवां के न्यू आदित्य अल्ट्रासाउंड सेंटर को सील कर उसका लाइसेंस निलंबित कर दिया गया, लेकिन तीन सेंटर पर कार्रवाई नहीं होने पर अभिषेक पांडेय ने पत्नी व नवजात के साथ बुधवार को डीएम कार्यालय पर भूख हड़ताल शुरू कर दी। इसके बाद डीएम के. विजयेंद्र पांडियन ने शेष बचे तीनों डायग्नोस्टिक सेंटर का लाइसेंस निलंबित करते हुए उन्हें सील करने का आदेश दिया था।
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सीएमओ डॉ. श्रीकांत तिवारी मेडिकल बोर्ड ने सभी चारों डायग्नोस्टिक सेंटर की रिपोर्ट की जांच की। वहां के डॉक्टरों को बुलाकर उनका पक्ष भी लिया गया। अंतत: बोर्ड ने चार डॉक्टरों को दोषी माना है। उनके सेंटर की अल्ट्रासाउंड मशीन सील कर दी गई है।

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