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Gorakhpur News: विदेश में बंधक बनाकर दो युवकों से एकाउंटेंट की जगह कराया चपरासी का काम

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- मुंबई के खाते में लिया एक-एक लाख रुपया, तब पासपोर्ट वापस पाकर लौटे युवक
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- पश्चिमी अफ्रीका के गांबिया शहर में युवकों से हुई ज्यादती, एक टाइम ही मिलता था भोजन, कमरे से बाहर नहीं निकलने देते
- पीड़ित विजय ने रामगढ़ताल थाने में दर्ज कराई प्राथमिकी, पुलिस कर रही जांच

गोरखपुर। विदेश में एकाउंटेंट की नौकरी की जगह महीनों बंधक बनाकर चपरासी का काम कराने और लाखों रुपये की ठगी का मामला सामने आया है। पीड़ित दो युवकों में एक विजय प्रताप यादव ने यहां लौटने के बाद पश्चिमी अफ्रीका के गांबिया शहर में यहां के आरोपियों की वजह से ज्यादती की शिकायत की तो रामगढ़ताल थाना पुलिस ने अज्ञात के खिलाफ धोखाधड़ी की धारा में प्राथमिकी दर्ज कर जांच शुरू कर दी।
रामगढ़ताल थाना क्षेत्र के भरवलिया खुर्द (रामपुर), तारामंडल निवासी विजय प्रताप यादव के अनुसार, सिकरीगंज और हरपुर बुदहट क्षेत्र के कुछ लोगों ने उन्हें गांबिया स्थित केपी ट्रेडिंग कंपनी में 2000 डॉलर प्रतिमाह वेतन पर एकाउंटेंट की नौकरी दिलाने का भरोसा दिलाया। रहने, खाने और मेडिकल सुविधा मुफ्त देने की बात कही गई। इसके एवज में एक लाख रुपये सिक्योरिटी मनी जमा कराई गई। इसके बाद 21 अक्तूबर 2021 को विजय को गांबिया भेज दिया गया। वहां पहुंचने पर उन्हें पता चला कि एकाउंटेंट की जगह उनसे चपरासी और अन्य छोटे-बड़े काम कराए जा रहे हैं।
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पीड़ित का आरोप है कि रोजाना 18 से 20 घंटे तक काम लिया जाता था। केवल एक समय भोजन दिया जाता था। कमरे से बाहर निकलने की अनुमति नहीं थी। विरोध पर गाली-गलौज और मारपीट की धमकी दी जाती थी। बीमार पड़ने पर भी इलाज नहीं कराया गया। विजय ने बताया कि उनके साथ गांबिया में भरवलिया खुर्द के ही सुनील यादव नामक युवक को भी इसी तरह बंधक बनाकर रखा गया था। दोनों से कठोर परिस्थितियों में काम लिया गया। कुछ महीनों बाद जब विजय ने घर लौटने की इच्छा जताई तो आरोपियों ने उनका पासपोर्ट छीन लिया। कहा गया कि मुंबई स्थित बैंक खाते में रुपये जमा करने के बाद ही पासपोर्ट और टिकट दिया जाएगा।
छह जुलाई 2022 को परिजनों ने दोनों के एक-एक लाख रुपये खाते में जमा किए। इसके बाद 10 जुलाई को पासपोर्ट और टिकट लौटाया गया, तब जाकर वह दोनों भारत लौट सके। यहां आने के बाद विजय ने बताया कि नौ माह का 14.40 लाख रुपये वेतन भी नहीं दिया गया। सिक्योरिटी मनी और बाद में जमा कराए गए रुपये मिलाकर कुल 16.54 लाख रुपये हड़पने का आरोप लगाया। पीड़ित का कहना है कि कई बार शिकायत करने के बावजूद आरोपियों ने रुपये नहीं लौटाए।
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रामगढ़ताल थानाप्रभारी नितिन रघुनाथ श्रीवास्तव ने बताया कि तहरीर के आधार पर अज्ञात आरोपियों के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज कर ली गई है। विदेश भेजने की प्रक्रिया, कंपनी और संबंधित व्यक्तियों की भूमिका की जांच की जा रही है।
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