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Gorakhpur News: छात्राओं को थाने बुलाया तो परिवार नाराज, अफसर की फटकार पर घर पहुंचे विवेचक

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दो पीड़िताओं ने थाने पर पहुंचकर दर्ज कराया बयान, दो छात्राओं के थाने जाने से इन्कार पर घर पर दर्ज हुए बयान
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- शाहपुर में ट्यूशन जा रही छात्राओं से छेड़खानी के विरोध में मारपीट का मामला


गोरखपुर। शाहपुर इलाके में छेड़खानी और मारपीट मामले में बृहस्पतिवार को पुलिस ने पीड़ित छात्राओं को थाने बुलाया तो परिवार नाराज हो गया। दो छात्राओं ने थाने जाने से इन्कार किया तो एसपी सिटी निमिष पाटील की फटकार के बाद विवेचक घर पहुंच कर बयान दर्ज किए। वही दो छात्राओं ने थाने पहुंचकर बयान दर्ज कराए। एक छात्रा ने कानूनी पचड़े में पड़ने से मना कर दिया।
शाहपुर थाना क्षेत्र के जंगल हकीम नंबर-दो स्थित टीएन पब्लिक स्कूल के पास ट्यूशन जा रहीं छात्राओं से छेड़खानी और पिटाई के मामले में पुलिस की जांच तेज हो गई है। जानकारी के अनुसार, क्षेत्र की पांच छात्राएं मंगलवार शाम ट्यूशन के लिए जा रही थीं। आरोप है कि टीएन पब्लिक स्कूल के पास पहले से मौजूद तीन लड़कों ने उन्हें रोक लिया और छेड़खानी की। विरोध पर डंडों और ईंट से छात्राओं की पिटाई की थी। पुलिस ने मामले में देर रात एक छात्रा की मां की तहरीर पर प्राथमिकी दर्ज कर तीन बाल अपचारियों को गिरफ्तार कर किशोर न्याय बोर्ड भेज दिया। वहीं मामले में लापरवाही बरतने के आरोप में एसएसपी ने मिशन शक्ति केंद्र में तैनात महिला दरोगा हिमानी सिंह, महिला कांस्टेबल सरोजनी गुप्ता और आराधना गौड़ को निलंबित कर दिया था।
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इधर, नाराज दो छात्राओं के परिवार वालों का कहना था कि छात्राओं को थाने बुलाना उचित नहीं है, बल्कि पुलिस को स्वयं घर पहुंचकर ही बयान लेना चाहिए।


मामले की सभी बिंदुओं पर जांच की जा रही है। छेड़खानी की शिकार छात्राओं को थाने नहीं बुलाना चाहिए। विवेचक को स्वयं पीड़िता के घर जाकर बयान दर्ज कराना चाहिए। छेड़खानी और मारपीट की घटना से जुड़े साक्ष्यों का संकलन किया जा रहा है।
- निमिष पाटील, एसपी सिटी
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