सूची के बाद से आईएमए में हड़कंप मच गया है। इसकी वजह है कि चुनाव लड़ने वाले एक पदाधिकारी के नाम पर पांच अस्पताल पंजीकृत हैं। इन्होंने विभाग को शपथपत्र दिया है कि वह सभी अस्पतालों में मरीजों की सेवा करते रहेंगे। इसके अलावा कई ऐसे डॉक्टर हैं, जो आईएमए के पूर्व पदाधिकारी रहे हैं। उनके नाम पर भी कई अस्पताल पंजीकृत हैं।
पंजीकरण का नियम
सीएमओ डॉ. आशुतोष कुमार दूबे ने बताया कि एक डॉक्टर दो अस्पतालों के नाम पर पंजीकरण करवा सकते हैं। बशर्ते दोनों अस्पतालों की दूरी 30 किलोमीटर की परिधि के अंदर हो। इससे अधिक दूर होने पर पंजीकरण नहीं किया जा सकता है।
सीएमओ डॉ. आशुतोष कुमार दूबे ने कहा कि जांच में 153 डॉक्टर ऐसे मिले हैं जो एक से अधिक अस्पतालों में फुल टाइम डॉक्टर के रूप में पंजीकृत हैं। सभी डॉक्टरों को नोटिस जारी किया गया है। यदि समय पर जवाब नहीं देंगे या एक से अधिक अस्पतालों से अपना पंजीकरण निरस्त नहीं कराएंगे तो उनके खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी। साथ ही इस संबंध में एनएमसी को भी पत्र लिखा जाएगा।
आईएमए अध्यक्ष डॉ. राजेश गुप्ता ने कहा कि आईएमए के सदस्यों के नाम पर अगर दो से अधिक अस्पतालों का पंजीकरण है तो इसे दिखवाया जाएगा। उनसे इस मामले में बात की जाएगी। निवेदन किया जाएगा कि नियम के तहत ही पंजीकरण कराएं। हालांकि, कई बार ऐसा होता है कि डॉक्टर दूसरे अस्पतालों में भी पार्ट टाइम मरीजों की जांच के लिए जाते हैं।