उत्तर प्रदेश में तेजी से फैल रहे कोरोना वायरस ने दो लोगों की जान ले ली। पहली मौत गोरखपुर में 25 वर्षीय युवक की हुई। इतनी कम उम्र में कोरोना से मौत का पहला मामला है। युवक को लिवर की बीमारी थी और सांस लेने में भी तकलीफ थी। उसका चार महीने से इलाज चल रहा था। पहले आईसीएमआर गोरखपुर, फिर केजीएमयू लखनऊ की रिपोर्ट में युवक में संक्रमण की पुष्टि हुई।
युवक के इलाज के दौरान गंभीर लापरवाही भी सामने आई है। वहीं, बुधवार को मेरठ में 72 वर्षीय बुजुर्ग की जान चली गई। मेरठ मेडिकल कॉलेज में दम तोड़ने वाले बुजुर्ग को दामाद से संक्रमण हुआ। परिवार के 16 लोग संक्रमित हैं। इस बीच, यूपी में 13 नए केस के साथ मरीजों की संख्या 117 हो गई। 10 नए मरीज नोएडा में मिले हैं।
बस्ती के युवक को रविवार को बीआरडी मेडिकल कॉलेज गोरखपुर में भर्ती कराया गया था। सोमवार को उसने दम तोड़ दिया। अब गोरखपुर जिला प्रशासन जनरल वार्ड में इस युवक के आसपास भर्ती मरीजों और उनके तीमारदारों की सूची बना रहा है, जो युवक के आसपास भर्ती थे। बस्ती में उसके घर और आसपास के इलाकों को सील कर दिया गया। युवक के परिवार के छह लोगों तथा अंतिम संस्कार से पहले उसे नहलाने वाले तीन लोगों को आइसोलेशन वार्ड में रखा है। इलाज करने वाले दो डॉक्टरों को होम, 25 पैरा मेडिकल व दो एंबुलेंस चालकों को इंस्टीट्यूशनल क्वारंटीन किया गया है।
जानलेवा लापरवाही के साथ छिपाया सच
युवक के इलाज में जानलेवा लापरवाही सामने आई है। 10 दिन से दिक्कत थी लेकिन परिजनों ने गलत जानकारी दी। तेज बुखार के साथ खांसी, जुकाम था, लेकिन परिजनों ने हाथ-पैर में दर्द बताया। वह मुंबई से आया था, लेकिन परिजनों ने जानकारी नहीं दी। यात्रा इतिहास छिपाने से उसे बीआरडी मेडिकल कॉलेज के जनरल वार्ड में भर्ती किया गया। युवक की मौत के बाद भी सतर्कता नहीं बरती गई। शव सुरक्षित करने की कोशिश भी नहीं हुई।
अब तक 117 संक्रमित
प्रदेश में बुधवार को 13 नए लोगों की रिपोर्ट कोरोना पॉजिटिव आई। इनमें से नौ मामले नोएडा, दो बुलंदशहर, आगरा व बस्ती का एक-एक है। इस तरह नोएडा में 48, मेरठ में 19, आगरा में 12, लखनऊ में नौ, गाजियाबाद में आठ, बरेली में छह, बुलंदशहर में तीन, पीलीभीत व वाराणसी में दो-दो, बस्ती, लखीमपुर खीरी, कानपुर, मुरादाबाद, शामली, जौनपुर, बस्ती और बागपत में एक-एक व्यक्ति कोरोना पॉजिटिव पाए गए हैं।