न्यू राजेश हाईटेक हॉस्पिटल सिकरीगंज में एक फरवरी को हुआ था ऑपरेशन
अब तक 10 मरीजों के आंखों की गई रोशनी
दिल्ली, लखनऊ और वाराणसी में चल रहा मरीजों का इलाज
कुईं बाजार (गोरखपुर)। न्यू राजेश हाईटेक हॉस्पिटल, सिकरीगंज में एक फरवरी को मोतियाबिंद के ऑपरेशन के बाद फैले संक्रमण के मामले में दो और मरीजों ने अपनी आंखों की रोशनी गंवा दी है। अब तक 10 मरीजों की आंखों की रोशनी जा चुकी है। इन मरीजों का उपचार दिल्ली, लखनऊ और वाराणसी में चल रहा है।
रहदौली की रमावती की आंख में भी संक्रमण फैला था। उनके बेटे रमेश ने बताया कि मां का इलाज एम्स दिल्ली में चल रहा है। उनकी आंखों की रोशनी जा चुकी है। रिपोर्ट आने के बाद ही डॉक्टर आगे का निर्णय लेंगे। वहीं, इन्नाडीह के विश्वनाथ सिंह ने बताया कि उनके भाई राजेंद्र सिंह की एक आंख खराब हो गई है। डॉक्टर रिपोर्ट का इंतजार कर रहे हैं। आंख निकालनी पड़ेगी या नहीं, इसका निर्णय डॉक्टर लेंगे।
दोनों मरीजों के परिजनों ने बताया कि दवा-इलाज में काफी रुपये खर्च हो रहे हैं। इनकी आंख का ऑपरेशन रोशनी लाने के लिए कराया गया था लेकिन हमें क्या पता था कि डॉक्टर इनकी आंखें हमेशा के लिए छीन लेंगे।
आयुष्मान योजना के तहत एक फरवरी को न्यू राजेश हाईटेक हॉस्पिटल में 30 मरीजों का मोतियाबिंद का ऑपरेशन हुआ था। ऑपरेशन के दूसरे दिन मरीजों की आंख में संक्रमण फैलना शुरू हो गया। इसने 15 से अधिक मरीजों को अपनी चपेट में ले लिया। चार मरीजों की आंखें निकाल दी गईं और अब तक दस ने रोशनी गंवा दी है।
मजिस्ट्रियल जांच शुरू, संचालक का बयान दर्ज, मरीजों की मांगी सूची
- 30 मरीजों के बयान लेकर रिपोर्ट तैयार करेगी जांच टीम
- अब तक 15 से अधिक मरीज हो चुके है संक्रमित, कल्चर रिपोर्ट के आधार पर होगी कार्रवाई
गोरखपुर। न्यू राजेश हाईटेक हॉस्पिटल सिकरीगंज में शनिवार को एडीएम प्रशासन सहदेव मिश्र के नेतृत्व में जांच टीम ने अस्पताल पहुंचकर मजिस्ट्रियल जांच शुरू कर दी। जांच के दौरान उन्होंने अस्पताल संचालक का बयान दर्ज किया। ओटी, फाइलों और अस्पताल मानकों की जांच की और हाल के दिनों में भर्ती और संक्रमित मरीजों की सूची उपलब्ध कराने के निर्देश दिए।
मामले की गंभीरता को देखते हुए डीएम ने तीन सदस्यीय जांच टीम गठित की थी। शनिवार देर शाम जांच टीम अस्पताल पहुंची। टीम ने ऑपरेशन थिएटर (ओटी) की गहन जांच की। संबंधित फाइलों को देखा और अस्पताल की उपलब्ध सुविधाओं व निर्धारित मानकों का परीक्षण किया। एडीएम प्रशासन सहदेव मिश्र ने बताया कि सभी 30 मरीजों को बुलाकर उनका बयान लिया जाएगा और उसी आधार पर विस्तृत रिपोर्ट तैयार की जाएगी।
उन्होंने बताया कि जल्द ही कल्चर रिपोर्ट भी प्राप्त हो जाएगी। जांच रिपोर्ट और मेडिकल साक्ष्यों के आधार पर संबंधित जिम्मेदारों के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी। जांच टीम के साथ बीआरडी मेडिकल कॉलेज के नेत्र रोग विशेषज्ञ डॉ. पंकज सोनी भी मौजूद रहे।