सिकरीगंज के न्यू राजेश हाईटेक हॉस्पिटल में ऑपरेशन के बाद मरीजों की आंखों में फैले संक्रमण के बाद सीएमओ डॉ. राजेश झा ने चार सदस्यीय जांच कमेटी गठित की थी। शुक्रवार को कमेटी ने अस्पताल के संचालक और कर्मचारियों के बयान दर्ज किए। बताया जा रहा है कि सभी ने अलग-अलग जवाब दिए हैं।
सिकरीगंज स्थित न्यू राजेश हाईटेक हॉस्पिटल में मोतियाबिंद ऑपरेशन के दौरान फैले संक्रमण की वजह से शुक्रवार को दो और मरीजों की आंखें निकालनी पड़ीं। दिल्ली एम्स में इन मरीजों का ऑपरेशन किया गया। गंभीर संक्रमण की वजह से अब तक पांच मरीजों की आंखें निकाली जा चुकी हैं।
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इसके साथ ही 15 से अधिक मरीजों में संक्रमण फैल चुका है। इसमें आठ मरीजों की रोशनी चली गई है। जानकारी के अनुसार, न्यू राजेश हाईटेक हॉस्पिटल में एक फरवरी को आयुष्मान योजना के तहत 30 मरीजों का मोतियाबिंद का ऑपरेशन किया गया था। इसके बाद से ही संक्रमण के मामले सामने आने लगे।
उसरी खास निवासी जयराम और इन्नाडीह के अर्जुन सिंह की आंखें शुक्रवार को दिल्ली एम्स में डॉक्टरों ने निकालीं। इससे पहले बारीगांव की देवराजी देवी, बारीपुर के रामदरश और रहदौली की शंकरावदी की आंखें भी निकाली जा चुकी हैं।
अर्जुन सिंह के भाई विश्वनाथ सिंह ने बताया कि शुक्रवार को सभी जांच रिपोर्टों के आधार पर एम्स दिल्ली के डॉक्टरों ने उनकी आंख निकाली। वहीं, दूसरे भाई राजेंद्र सिंह की आंख का सूजन और संक्रमण समाप्त हो गया है। उनका उपचार पीजीआई, लखनऊ में चल रहा है।
डॉक्टरों ने बताया कि सभी जांच रिपोर्ट आने के बाद आगे का फैसला लिया जाएगा। उसरी खास निवासी जयराम के बेटे अरविंद ने बताया कि शुक्रवार को उनके पिता की आंख एम्स दिल्ली के डॉक्टरों ने निकाल दी।
उरुवा क्षेत्र के रहदौली निवासी शंकरावती के पति धनराज ने बताया कि उनकी पत्नी का इलाज वाराणसी में चल रहा है। वह सात फरवरी को उन्हें घर लेकर आए हैं।
वहां के डॉक्टरों ने 14 फरवरी को दोबारा बुलाया है, जिसके बाद ऑपरेशन के संबंध में निर्णय लिया जाएगा। रहदौली की रमावती के बेटे रमेश ने बताया कि उनकी मां का इलाज एम्स दिल्ली में कराया जा रहा है। इस समय वह गांव के मुकेश कन्नौजिया के यहां रहकर उपचार करा रही हैं।
कर्मचारियों के दर्ज हुए बयान...सभी ने दिए अलग जवाब
सिकरीगंज के न्यू राजेश हाईटेक हॉस्पिटल में ऑपरेशन के बाद मरीजों की आंखों में फैले संक्रमण के बाद सीएमओ डॉ. राजेश झा ने चार सदस्यीय जांच कमेटी गठित की थी। शुक्रवार को कमेटी ने अस्पताल के संचालक और कर्मचारियों के बयान दर्ज किए। बताया जा रहा है कि सभी ने अलग-अलग जवाब दिए हैं।
इससे कमेटी संतुष्ट नहीं हुई। मामले में अस्पताल प्रबंधन की लापरवाही भी सामने आ रही है। एसीएमओ डॉ. एके चौधरी ने बताया कि शुक्रवार को संचालक राजेश राय के साथ ओटी टेक्नीशियन और ऑप्टोमेटिस्ट को बयान दर्ज कराने के लिए बुलाया गया था। सभी से प्रकरण के बारे में जानकारी ली गई।
किसी के भी जवाब एक तरह के नहीं मिले। इससे लापरवाही का शक और गहरा गया है। सभी लोग मामले को घुमाते नजर आए। इसके पहले ऑपरेशन करने वाले डॉ. पराग अग्रवाल का भी बयान दर्ज किया जा चुका है। उन्होंने बताया कि ऑपरेशन थियेटर से सैंपल लेकर बीआरडी मेडिकल कॉलेज में भेजा गया है।
रिपोर्ट का इंतजार है। इसके आने के बाद जल्द ही कमेटी अपनी फाइनल रिपोर्ट सीएमओ को सौंपेगी। इसके बाद नियमानुसार आगे की कार्रवाई की जाएगी।