सरदारनगर। बंगलूरू स्थित बाल कल्याण समिति (सीडब्ल्यूसी) की अभिरक्षा से फरार हुए दो किशोरों को चौरीचौरा पुलिस ने बृहस्पतिवार को बरामद कर बंगलूरू पुलिस को सुपुर्द कर दिया। दोनों किशोर चौरीचौरा थाना क्षेत्र के सथरी गांव के रहने वाले हैं। बंगलूरू पुलिस करीब छह महीने से उनकी तलाश कर रही थी।
सथरी गांव के चार किशोर काम के सिलसिले में बंगलूरू गए थे। वहां संकटग्रस्त बच्चों के लिए काम करने वाली बास्को संस्था ने चारों को अपनी अभिरक्षा में ले लिया। संस्था की पूछताछ में एक किशोर के मामा बृजेश ने बताया था कि वह किशोरों को गांव से पेंटिंग का काम कराने के लिए बंगलूरू ले गए थे। किशोरों ने पूछताछ में घूमने के लिए बंगलूरू जाने की बात कही थी।
इसके बाद बास्को संस्था ने चारों किशोरों को बाल कल्याण समिति के समक्ष पेश किया। दो अप्रैल 2026 को सात बच्चों को सीडीसी के समक्ष पेश करने के लिए चामराजपेट स्थित बास्को युवोदय, गांधीनगर ले जाया जा रहा था। इसी दौरान काटनपेट थाना क्षेत्र में भारी यातायात के बीच वाहन का पिछला दरवाजा खोलकर चारों किशोर फरार हो गए।
घटना के संबंध में बास्को संस्था की ओर से काटनपेट थाने में रिपोर्ट दर्ज कराई गई थी। फरार किशोरों की तलाश में बंगलूरू पुलिस के दो जवान चौरीचौरा थाने पहुंचे। स्थानीय पुलिस के सहयोग से बृहस्पतिवार को सथरी गांव से दो किशोरों को बरामद किया गया और उन्हें बंगलूरू पुलिस को सौंप दिया गया। बंगलूरू पुलिस के अनुसार, वाहन से फरार हुए चार किशोरों में अब तक तीन बरामद किए जा चुके हैं। एक किशोर अभी भी पुलिस की पकड़ से बाहर है, जिसकी तलाश जारी है।
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कोट
बंगलूरू पुलिस की सूचना पर स्थानीय पुलिस ने कार्रवाई करते हुए सथरी गांव से दो नाबालिगों को सकुशल बरामद कर लिया है। दोनों को आवश्यक कार्रवाई के लिए बंगलूरू पुलिस को सुपुर्द कर दिया गया है। फरार एक अन्य किशोर की तलाश में भी पुलिस सहयोग कर रही है।
- कुंदन सिंह, सीओ चौरीचौरा